कश्मीर में तैनात हुआ दीवारों के पीछे झांक लेने वाला रडार

नई दिल्ली (9 मई): दीवारों के भीतर या छतों में बनी जगहों में छुपे आतंकवादियों का पता लगाने के लक्ष्य से कश्मीर घाटी में उग्रवाद-विरोधी अभियानों के दौरान भारतीय सेना अब दीवारों के भीतर का हाल बताने में सक्षम राडार का प्रयोग करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना ने ऐसी कुछ राडार प्रणाली आयात भी कर ली है। यह तकनीक उग्रवाद-विरोधी अभियानों के दौरान ज्यादा सटीक और प्रभावी साबित होगी। यह सेना को सघन क्षेत्रों में मकानों के भीतर छुपे आतंकवादियों का ठिकाना बताएगी और इससे असैन्य नागरिकों को हताहत होने से भी बचाया जा सकेगा।

उग्रवाद-निरोधी अभियानों से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक बार से ज्यादा मौकों पर ऐसा हुआ है कि सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह को पुष्ट खुफिया जानकारी के बावजूद आतंकवादियों से निपटे बगैर वापस लौटना पड़ा है। बाद में स्थानीय मुखबिरों ने बताया कि जिस मकान पर छापा मारा गया, आतंकवादी उसी मकान में विशेष रूप से बनाए गए भूमिगत ठिकाने या छत पर बनाई गई फाल्स सीलिंग में छुपे हुए थे।