आर्मी चीफ बिपिन रावत ने तेजस से भरी उड़ान, बोले-बढ़ेगी सशस्त्र बल की ताकत



न्यूज 24 ब्यूरो, केजे श्रीवत्सन, बेंगलुरु (21 फरवरी): भारत में बने एलसीए तेजस को गुरुवार को फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस मिला और आज औपचारिक तौर पर तेजस को वायुसेना में शामिल किया गया। तेजस में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने सवार होकर उड़ान भरी। बेंगलुरु में हो रहे एयरो इंडिया 2019 समारोह के दौरान आर्मी चीफ ने इस पर संक्षिप्त उड़ान भर देसी लड़ाकू विमान का निरीक्षण किया। 



उड़ान के बाद सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा कि तेजस की उड़ान भरना शानदार मौका था। ये अंधेरे में टारगेट पर सटीक निशाना लगाने के काबिल है। एचएएल और डीआरडीओ को धन्यवाद देता हूँ। मैं अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि इस तरह के जहाज बेड़े में शामिल होने से सशस्त्र बल की ताकत में इजाफा होगा।




भारत का हल्का लड़ाकू विमान तेजस एमके आई को अंतिम संचालन मंजूरी (एफओसी) मिलने के बाद एफओसी की औपचारिक घोषणा रक्षा विभाग के आर एंड डी सचिव, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष जी. सतीश रेड्डी ने की। एयरो इंडिया शो के अलग एफओसी प्रमाण पत्र और रिलीज टू सर्विस डॉक्यूमेंट वायुसेना प्रमुख को सौंपा गया। तेजस जहाज को बुधवार को फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस मिल गया था। इसके साथ यह विमान अब भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन चुका है। 123 विमानों को क्लीयरेंस दिया गया है। यह सभी विमान देश में बने हैं।  तेजस कई क्षमताओं से लैस एक आधुनिक विमान है जिनमें कम विजिबिलिटी में निशाना लगाना, हवा में ईंधन भरा जाना, हवा से जमीन पर चिह्नित हथियार को निशाना बनाना शामिल है। 




फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस मिलने के करीब चौबीस घंटे बाद ही सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में बैठकर उड़ान भरकर इसे अपने अनुभवों की कसौटी पर परखा। करीब 35 मिनट की अपनी उड़ान के बाद खुद सेनाध्यक्ष ने भी माना कि तेजस की उड़ान भरना खुद उनके लिए भी ना केवल एक शानदार मौका था, बल्कि अंधेरे में भी टारगेट पर सटीक निशाना लगाने के काबिल तेजस के लिए वे अपने अनुभवों के आधार पर सकते हैं कि इस तरह के जहाज बेड़े में शामिल होने से सशस्त्र बल की ताकत में इजाफा होगा। 




1350 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाले तेजस की अपनी संक्षिप्त उड़ान भर इस देसी लड़ाकू विमान का निरीक्षण किया। यह पहला मौका है जब किसी सेना प्रमुख ने लड़ाकू विमान में उड़ान भरी हो। तेजस बनाने वाली भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड ने भी साफ कर दिया कि अब और अधिक संख्या में तेजस बनाने के साथ इसकी गुणवत्ता में सुधार की भरपूर कोशिश की जाएगी।