तीसरे विश्व युद्ध का खतरा, दुनिया में फिर बढ़ी हथियारों की बिक्री

नई दिल्ली (11 दिसंबर): दुनिया पर तीसरे विश्व युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इन सबके बीच पिछले 5 साल के दौरान 2016 में एक बार फिर हथियारों की बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है। 2015 के मुकाबले 2016 में 1.9 फीसदी ज्यादा हथियारों की बिक्री हुई है। वहीं 2002 से तुलना में यह बढ़ोतरी 38 फीसदी ज्यादा है। सिपरी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में दुनिया की 100 सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनियों ने 374.8 अरब डॉलर के हथियार और उनसे जुड़े सिस्टम बेचे।

रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में अमेरिकी कंपनियों की बिक्री 4 फिसदी बढ़ी और उन्होंने 217.2 अरब डॉलर के हथियार बेचे। बिक्री में इस वृद्धि की वजह सिर्फ विदेशों में तैनात अमेरिकी सेना को होने वाली हथियारों की सप्लाई नहीं है बल्कि अन्य देश भी अमेरिकी कंपनियों से हथियार खरीद रहे हैं। दुनिया भर में हथियार बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ब्रिटेन, इटली और नॉर्वे जैसे देशों को अपने नए एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने में कामयाब रही। हालांकि उसका सबसे बड़ा ग्राहक अमेरिकी वायुसेना ही है।

दुनिया भर में बिकने वाले 57.9 फीसदी हथियार अमेरिकी कंपनियों ने बनाये जबकि इस मामले में दूसरे नंबर पर पश्चिमी यूरोप है। इसके बाद रूस का नंबर आता है। दुनिया भर में बिकने वाले हथियारों में उसकी हिस्सेदारी 7.1 फीसदी है।