अर्जुन के घर में मां मोना की यादें बसी हैं, नहीं करते घर में कोई बदलाव, देखिए तस्वीरें

नई दिल्ली ( 28 नवंबर ):  इशकजादे', 'गुंडे', '2 स्टेट्स' और 'तेवर' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके अर्जुन कपूर बॉलीवुड के उभरते स्टार किड्स में से एक हैं। अर्जुन प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनकी पहली पत्नी मोना कपूर के बेटे हैं। उनका घर जुहू, मुंबई में है। इस घर का इंटीरियर उन्होंने अपनी मां मोना और बहन अंशुला कपूर के साथ मिलकर डिजाइन किया था। मां के निधन के बाद से वे और अंशुला इस घर में रहते हैं। यह बात अलग है कि अर्जुन घर में कम ही रुक पाते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था, "मेरा ज्यादातर समय शूटिंग में निकल जाता है। इसलिए घर में बमुश्किल वक्त बिता पाता हूं।" अर्जुन ने अपने घर की दीवारों को पेंटिंग्स से सजाया हुआ है। अर्जुन की मानें तो ये पेंटिंग्स उनकी मां मोना कपूर को बेहद पसंद थीं। उन्होंने कहा था, "मेरी मां ने घर के इंटीरियर को डेकोरेट किया था और मैं नहीं चाहता कि इसमें कोई बदलाव किया जाए।" 

अर्जुन कपूर बॉलीवुड के उन ऐक्टर्स में से है जिन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई है। अर्जुन के पापा बोनी कपूर बॉलीवुड के नामचीन प्रोड्यूसर है लेकिन अर्जुन को बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

अर्जुन अपनी मां की मौत को भूल नहीं पाए हैं। साल 2012 में मोना कपूर की मौत कैंसर से हो गई। कहीं ना कहीं उनकी मां की जिंदगी में आए दुखों के लिए वो श्रीदेवी को जिम्मेदार मानते हैं।

अर्जुन कपूर ने फिल्म 'हाफ गर्लफ्रेंड' के प्रोमोशन के दौरान खोला था अपने घर का एक राज । अर्जुन की माने तो श्रीदेवी और उनकी दोनों बेटियों से उनकी कोई बातचीत नहीं होती है। वो अपनी सौतेली बहनों से ना तो मिलते जुलते हैं और ना ही बात करते हैं। फैमिली फंक्शन में भी वो श्रीदेवी और उनकी बेटियों से आमना-सामना होने की नौबत नहीं आने देते।

अर्जुन कपूर जब दस साल के थे तो उनके पापा बोनी कपूर ने मम्मी मोना कपूर का साथ छोड़कर श्रीदेवी से शादी कर ली थी। अर्जुन कपूर ने कई बार अपने इंटरव्यू में अपने घर की कहानी बयां की है। उनकी बातों से साफ जाहिर होता है कि उनके और सौतेली मां श्रीदेवी के बीच है सबकुछ बेहतर नहीं है। अर्जुन कपूर आज भी अपनी स्टेप मॉम श्रीदेवी को माफ नहीं कर पाए है । अपनी मां मोना कपूर का वो गम भूल नहीं पाएं है। 5 साल पहले अर्जुन की मां मोना कैंसर की वजह से चल बसी और कहीं ना कहीं अपने परिवार के बिखरने का कारण वो श्रीदेवी को मानते है।

अर्जुन के पापा बोनी कपूर ने उनकी मम्मी मोना कपूर को छोड़कर जब दूसरी शादी की तो उनके पिता के नए परिवार ने शादी और प्यार को लेकर उनके विचार को बदल दिया। अर्जुन का कहना है कि, 'मैंने ठान लिया था कि मैं कभी शादी नहीं करुंगा। लेकिन अब मैं इसे लेकर नरम हो गया हूं। जब आप 32 साल के हो जाते हैं तो आप नहीं चाहते कि पूरी जिंदगी आप अपनी ही तरह बनकर रह जाएं। दिन के खत्म होने पर आपको एक पार्टनर चाहिए होता है। वो खालीपन मौजूद रहता है और मैं उस खालीपन को लिव इन रिलेशनशिप के जरिए पूरा करना चाहता हूं। मैं किसी को पूरी तरह से जान लेना चाहता हूं ताकि यह निर्णय ले सकूं कि मैं उसे बाकी की बची हुई जिंदगी के लिए कमिट कर सकता हूं या नहीं।'

अर्जुन कपूर पर उनके मम्मी-पापा के सेपरेशन का बहुत असर पड़ा है। अर्जुन का बचपन तनाव में बीता। उन्होंने अपनी मम्मी को बहुत संघर्ष करते देखा है। लेकिन आज जब वो परिवार को संभालने लायक हो गए तो उनकी मां नहीं रही।