महाराष्ट्र सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुआ अर्धनग्न किसान आंदोलन

न्यूज24 ब्यूरो, अविनाश पाण्डेय,मुंबई (21 जनवरी):  जमीन अधिग्रहण और अन्य मांगों को लेकर सतारा से करीब 200 किलोमीटर दूर मुंबई अर्धनग्न अवस्था में पैदल चलकर पहुँचे किसानों ने मिले आश्वासन के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। इससे पहले महाराष्ट्र के सतारा जिले के खंडाला तहसील से अर्धनग्न अवस्था में पैदल चलकर मुम्बई की तरफ बढ़ रहे इन किसानों को मुंबई की सीमा पर ही रोक दिया गया। जिसके बाद इन किसानों ने मानखुर्द इलाके में ही बैठकर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन को तूल पकड़ता देख राज्य के उद्योग मंत्री ने इन किसानों के एक डेलीगेट को मिलने बुलाया जिसके बाद इनकी मांगों को पूरा करने भरोसा भी दिया गया।किसानों की मांग है कि एमआईडीसी प्रोजेक्ट और डेवलपमेंट के नाम पर जो इनके जमीन का जो अधिग्रहण हुआ है वह रोका जाएपिछले एक दशक में हाईवे कंस्ट्रक्शन, कृष्णा खोरे सिंचाई प्रोजेक्ट के नाम पर सरकार ने इनके जमीन को अधिग्रहण किया है वो जमीन इनको वापस जाए। साथ ही इनके इलाके में बढ़ रहे उद्योग में पहली नौकरी यहां के लोगों को मिले।

साथ ही किसानों की मांग है एमआईडीसी प्रोजेक्ट और डेवलपमेंट के नाम पर जो इनके जमीन का अधिग्रहण हुआ है वह रोका जाए। पिछले एक दशक में हाईवे कंस्ट्रक्शन कृष्णा खोरे सिंचाई प्रोजेक्ट के नाम पर सरकार ने इनके जमीन को अधिग्रहण किया है। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने किसानों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया और कहा कि आने वाले समय में किसानों की मर्जी के खिलाफ उनकी भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

बता दें कि ये किसान 12 जनवरी की सुबह सातारा से निकले थे और नौवें दिन यानी 20 जनवरी को यह मुंबई पहुंचे।आंदोलन खत्म करने के बाद किसानो ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को आश्वासन देने के बाद भी नही माना गया तो ये बड़ी तादाद में जल समाधि ले लेंगे।