ताजमहल मंदिर नहीं, मकबरा है: एएसआई का कोर्ट को जवाब


लखनऊ(26 अगस्त): आगरा के स्थानीय कोर्ट में चल रहे तेजोमहालय बनाम ताजमहल के मामले में भारत सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने गुरुवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया है। 

- इसमें कहा गया है कि ताजमहल मंदिर नहीं, बल्कि मुगल शहंशाह शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया गया मकबरा है। 

- यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि ताजमहल के संबंध में किसी भी मामले की सुनवाई स्थानीय कोर्ट में नहीं की जा सकती है।

- स्थानीय कोर्ट में इस संबंध में याचिका आठ अप्रैल 2015 में लखनऊ के गोमती नगर निवासी अधिवक्ता हरीशंकर जैन और उनके पांच साथियों ने दायर की थी। 
- उनका दावा है कि यह इमारत ताजमहल नहीं, बल्कि शिव मंदिर है, जिसका नाम है तेजोमहालय। इसमें केंद्र सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग को पक्षकार बनाया गया है। दोनों की ओर से पैरोकार ने गुरुवार को कोर्ट में जवाब दाखिल किया।

- इस पर हरीशंकर जैन की ओर से अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने जवाब को अपूर्ण बताया। कहा कि यह जवाब पोषणीय नहीं है। उन्होंने इस जवाब का प्रतिवाद करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। पीठासीन न्यायाधीश अभिषेक सिन्हा ने उनके जवाब के लिए तारीख 11 सितंबर मुकर्रर की है