इस देश में लगी अरेबिक और इस्लामिक नाम रखने पर पाबंदी

नई दिल्ली (7 अप्रैल): हिंदुस्तान में जहां भारत माता की जय बोलने पर विवाद खड़ा हो जाता है वहीं दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां नवजात बच्चों के नाम भी सरकार की डिक्शनरी के मुताबिक ही रखने पड़ेंगे।  जी हां, हम बात कर रहे हैं ताजिख़स्तान की। ताजिख़स्तान की सरकार ने अरेबिक और इस्लामिक नाम रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ताजिख़स्तान सरकार का कहना है कि अरेबिक और इस्लामिक नामों की वज़ह से समाज में विभाजन पैदा होने का खतरा है। ताजिख़स्तान सरकार ने चार हजा़र से ज्यादा नामों की एक लिस्ट बना कर देश भर के रजिस्ट्री कार्यालयों में भिजवा दिये हैं।

सरकार की ओर से कहा गया है नवजात बच्चों के नाम इसी सूची में से ही रखे जायें। अगर इनसे अलग कोई नाम रखा जाये तो ताजिख़ या परशियन कल्चर से ही मिलता जुलता होना चाहिए। लड़कियों के लिए सुमायाह, आयशा और आसिया जैसे नाम रखने की अनुमति नहीं होगी तो पुरुष मुहम्मद, यूसुफ और अबुबक्र जैसे नाम नहीं रख पायेंगे। इसके अलावा ताजिखस्तान में निकट रक्त संबंधियों (फर्स्ट कज़िन्स) में शादी की परंपरा पर भी रोक लगा दी गयी है।