11 महीनों में देश का राजकोषीय घाटा 7 लाख करोड के पार

नई दिल्ली (28 मार्च): वित्त वर्ष 2017-18 के लिए सरकार ने राजकोषीय घाटा 5.94 लाख करोड़ रुपये रखा था, लेकिन फरवरी में समाप्त 11 महीनों के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे साल के बजटीय लक्ष्य का 120.3 फीसदी रहा जो कि 7.15 लाख करोड़ रुपये है।

आधिकारिक आंकड़ों से बुधवार को यह जानकारी मिली। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि में राजकोषीय घाटा बजटीय लक्ष्य (संशोधित) का 113.4 फीसदी था।

सीजीए के आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में कर राजस्व 10.35 लाख करोड़ रुपये रहा, जो संशोधित बजटीय लक्ष्य का 81.6 फीसदी है। राजस्व और गैर-ऋण पूंजी से कुल प्राप्तियां चालू वित्त वर्ष के फरवरी में खत्म हुए 11 महीनों में 12.83 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो संशोधित बजटीय अनुमान का 79.1 फीसदी है।