AAP में बगावत का खतरा, अरविंद केजरीवाल ने बंद कमरे में विधायकों के साथ की बैठक



नई दिल्ली (27 अप्रैल):  दिल्ली नगर निगम यानी MCD चुनाव में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी में घमासान जोरों पर हैं। कल से ही पार्टी के बड़े नेताओं का इस्तीफा देने के सिलसिला जारी है। पार्टी पर बगावती सूर तेज हो गए हैं और अब फूट का भी खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक AAP के कम से कम 25 विधायक केजरीवाल की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। असंतुष्ट विधायक दबी जुवान से केजरीवाल पर तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। ये विधायक कभी भी पार्टी से अलग राह भी पकड़ सकते हैं।


हालत की गंभीर को समझते हुए केजरीवाल ने आज अपने तमाम विधायकों की बंद कमरे बैठक बुलाई। इससे एमसीडी चुनाव में चुनकर आए पार्टी के पार्षदों के साथ बैठक में उन्हें पार्टी न छोड़ने की कसम खिलाई। उन्होंने पार्षदों से कहा कि अगर धोखा देकर गए तो कभी भी खुश नहीं रह पाओगे। भले ही केजरीवाल ने पार्षदों को निष्ठा की शपथ दिलाई और किसी भी तरह के लालच में न आने को लेकर आगाह किया लेकिन यह पार्टी के विधायकों के लिए भी संकेत था।


सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक बैठक में AAP ने माना कि यूपी में बीजेपी की जीत ने दिल्ली एमसीडी चुनाव में वोटरों को प्रभावित किया। बैठक में शामिल विधायकों की राय में पंजाब और गोवा में आम आदमी पार्टी को हुए नुकसान और बीजेपी की यूपी में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री का कद इतना बढ़ गया है कि इसका मुकाबला करना मुश्किल हो रहा है।


पहले पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव और अब एमसीडी चुनाव में भी हार के बाद आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ गई है। पार्टी को टूट की आशंका भी सता रही है। हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक