दो भागों में बंटा 'अपना दल', अनुप्रिया को पार्टी से निकाला

मानस श्रीवास्तव, लखनऊ (7 जुलाई): अनुप्रिया पटेल के मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद अपना दल का झगड़ा और बढ़ गया है। अब अपना दल दो फाड़ होने की कगार पर खड़ा है। अनुप्रिया को पार्टी से निकाल दिया गया है और अपना दल NDA के जहाज से उतरने की तैयारी कर रहा है।

पटेल वोटों की कीमत अनुप्रिया पटेल ने मोदी सरकार में मंत्री पद की शपथ लेकर वसूल कर ली, लेकिन बेटी को लाल बत्ती मिलने के बाद अनुप्रिया पटेल की मां और उनकी बहन गुस्से से लाल हो गई हैं। दोनों ने पार्टी की बैठक बुलाई और कहा कि अनुप्रिया ने विश्वासघात किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व बीजेपी अध्यक्ष ने उनकी सलाह लिए बगैर अनुप्रिया को मंत्री बनाकर अच्छा नहीं किया।

अनुप्रिया पटेल को मां ने पार्टी से पिछले साल ही बाहर कर दिया, लेकिन उनके न चाहते हुए भी अनुप्रिया ही अपना दल का चेहरा बनी रहीं। पार्टी के दो लोकसभा सांसद हैं, एक प्रतापगढ़ से हरिवंश सिंह है वो भी मां के ही खेमें में हैं। अब पार्टी का अनुप्रिया विरोधी खेमा चाहता है कि बीजेपी के साथ समझौता रद्द कर दिया जाए और पार्टी विधानसभा का चुनाव अपने दम पर लड़े।

अनुप्रिया विरोधी खेमा नीतीश कुमार के साथ गठबंधन कर कुर्मी वोटों को साधना चाहता है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये ही है कि अनुप्रिया पटेल का विरोध सिर्फ परिवार में है या पार्टी का बड़ा धड़ा अब भी अनुप्रिया के साथ है। बीजेपी ने तो मंत्री पद देकर साफ कर दिया है कि उसकी नजर में अनुप्रिया ही अपना दल हैं।