मंच पर ज़ुबानी जंग में भिड़े अनुपम खेर और 'आप' नेता कपिल मिश्रा

जयपुर (26 जनवरी) : असहिष्णुता पर चली बहस के दौरान मोदी सरकार का साथ देने वाले अभिनेता अनुपम खेर पद्म भूषण अवार्ड मिलने के बाद फिर सुर्खियों में हैं। सोमवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' विषय पर बहस के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई कि लोग हौरान रह गए। दरअसल शुरुआत आम आदमी पार्टी के नेता कपिल मिश्रा के संबोधन से शुरू हुई। खचाखच भरे फ्रंट लॉन में कपिल मिश्रा ने पीएम मोदी पर कटाक्ष किए तो कुछ लोगों ने हाथ उठाकर मोदी, मोदी नारे लगाना शुरू कर दिया। इन्हें मंच से अभिनेता अनुपम खेर ने और उकसाया।

 इस पर पत्रकार मधु त्रेहान ने आपत्ति जताई तो अनुपम खेर ने कहा कि लोगों ने नारे लगाए थे, मैंने तो सिर्फ उनकी सराहना की है। अनुपम खेर ने कहा, "इतनी फ्रीडम वाला ऐसा कोई देश नहीं है, जैसा मेरा देश है। आप इस देश में रह रहे हैं तो जो नियम आप घर पर लागू करते हैं, वही देश के लिए भी करें। क्या आप अपने पिता को गाली या धमकी देते हैं, लेकिन आप प्रधानमंत्री को गाली दे देते हैं। आप घर वाले नियम ही देश पर भी लागू करें।"

 मधु त्रेहान ने बोलने की आजादी पर हो रहे प्रहार को बताने के लिए प्रतिबंधित शब्दों को बीप कर के बोला तो अनुपम खेर आए और उन्हीं शब्दों को खुलकर बोले। उन्‍होंने कहा, "मधु आपको इन्हें बीप करने की जरूरत नहीं है। देश में बोलने की आजादी है और कोई आपको रोकने नहीं आ रहा है।"

 बाद में कपिल मिश्रा आए तो उन्होंने भी गाली का उल्लेख करते हुए कहा- "भले ही हम यह हर किसी को नहीं बोल सकते, लेकिन पिताजी को मैंने प्रधानमंत्री की तरह वोट दे कर थोड़े ही चुना है। यदि वह थप्पड़ मारने वाले पड़ोसी के घर चाय पीकर आएंगे तो पिता की भी आलोचना करूंगा। सरकार कौन होती है, हमें यह बताने वाली मैं टि्वटर या फेसबुक पर क्या लिखूं?