पटरी पर दौड़ने को तैयार है ‘अंत्योदय एक्सप्रेस’

नई दिल्ली (22 फरवरी): रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 2016 के रेल बजट में ‘अंत्योदय एक्सप्रेस’ ट्रेन चलाने का ऐलान किया था, वह ट्रेन बन पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है। यह ट्रेन काफी लंबी दूरी सफर करेगी और इसकी रफ्तार राजधानी से भी तेज है।

अंत्योदय एक्सप्रेस सुविधाओं के साथ दिखने में भी काफी आकर्षक है। ट्रेन के बाहरी डिब्बों पर लाल और पीले रंग से विनाइल कोटिंग किया गया है। रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय ‘हमसफर एक्सप्रेस’ से प्रभावित होकर लिया है।

अंत्योदय एक्सप्रेस की खासियत:

- अंत्योदय के लिए दीनदयालु कोच का प्रस्ताव 2016 में रखा था। इस कोच की खासियत ये है कि इसकी सीट काफी गद्देदार है। जनरल और स्लीपर कोच में एक जैसा ही सीट है।

- दीनदयालु कोच में बॉयोटॉलेट और डस्टबीन के साथ पानी पीने के लिए एक्वागार्ड भी लगा हुआ है, जो अभी तक किसी भी श्रेणी के कोच में नहीं लगा हुआ है।

- इसके अलावा इसमें मोबाइल, लैपटॉप चार्ज करने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्वाइंट लगे हुए हैं।

- इस कोच में जे हुक लगे हुए हैं, ताकि यात्री अपना समान टांग सके।

- कोच में एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है।

-यह ट्रेन पूरी तरह से अनारक्षित है।

योजना के मुताबिक, पहली अंत्योदय एक्सप्रेस मुंबई और टाटानगर के बीच चलाई जाएगी। इसके अलावा रेलवे विचार कर रहा है कि इस ट्रेन को और किन रुटों में चलाया जाए। वहीं इसका किराया मेल और बाकी एक्सप्रेस गाड़ियों के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा रहेगा। हालांकि, पहले इन का किराया 25 से 30 फीसदी तक ज्यादा होने के कयास लगाए जा रहे थे।