स्वर्ण मंदिर में लगे देश विरोधी नारे, नेताओं ने साधी चुप्पी


नई दिल्ली (6 जून): ऑपरेशन ब्लू स्टार की 32वीं बरसी पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लग रहे थे देशविरोधी नारे, लेकिन कोई पार्टी इन देशविरोधी नारों के खिलाफ आवाज तक नहीं उठा रही।

देश विरोधी नारों के बीच पंजाब का अमन चैन लूटने वाले जरनैल सिंह भिंडरावले के समर्थन में पोस्टर भी लहराए जा रहे थे, लेकिन पंजाब में अकालियों के साथ सरकार चला रही बीजेपी के एक नेता का अमृतसर से दिल्ली तक ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया जिसमें कम से कम इन देशविरोधी नारों, पोस्टरों के खिलाफ निंदा करने की ही बात होती।

देशविरोधी इन नारों पर अब हर पार्टी खासकर बीजेपी की चुप्पी की वजह है, पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव। खालिस्तान के खिलाफ सिर्फ कोरी बातें करने वाली पार्टियां जानती हैं कि इन नारों का विरोध खुलेआम करने का मतलब है वोटबैंक में सेंध। इसीलिए JNU में नारों पर एक्शन और स्वर्ण मंदिर के नारों पर खामोशी।

शायद नेताओं का राष्ट्रवाद भी वोटबैंक के आधार पर तय होता है। इसलिए जेएनयू में लगे देशविरोदी नारों पर पूरे देश की सियासत हिला दी जाती है। लेकिन स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारों पर खामोशी अख्तियार कर लेना नेताओं के लिए जरूरी भी बन जाता है और मजबूरी भी।