पाक दिवस पर पहली बार परेड में चीनी सेना, सड़कों पर भारत के खिलाफ रैली


नई दिल्ली ( 23 मार्च ): पाकिस्तान के गणतंत्र दिवस पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक दल ने गुरुवार को परेड में हिस्सा लिया। इस मौके पर पाक की सड़कों पर भी भारत के खिलाफ प्रदर्शन हुए। पाकिस्तान की सैन्य परेड में जहां पहली बार चीनी सेना दिखाई दी।


पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पीएलए के सुरक्षा बलों को परेड में शामिल करने के लिए चीन का शुक्रिया अदा किया और इसे एक ऐतिहासिक अवसर करार दिया। हुसैन ने कहा कि इससे पहले पाकिस्तान में इस प्रकार के समारोहों में चीन की सेना ने कभी हिस्सा नहीं लिया। 


ममनून हुसैन ने इस मौके पर फिर कश्मीर राग भी अलापा और इसे विभाजन का ‘अधूरा एजेंडा’ करार दिया। उधर लाहौर की सड़कों पर हर बार की तरह मुंबई हमले के गुनहगार आतंकवादी हाफिज सईद के आतंकी संगठन तहरीक-ए-आजादी ने भारत के खिलाफ बड़ी रैली निकाली। इसमें कई लोग शामिल थे। जमात उद दावा का नाम बदलकर तहरीक-ए-आजादी किया गया है।


पाकिस्तान दिवस परेड में शामिल हुए पीएलए के 90 सदस्यीय दल के प्रमुख मेजर जनरल ली जिआनबो ने परेड के आयोजन से एक दिन पहले कहा, "हम चीन की सेना और नागरिकों की ओर से यहां पाकिस्तान के साथ दोस्ती का संदेश देने आए हैं। हमें आशा है कि पाकिस्तान दिन पर दिन विकास करेगा और इसकी सेना और भी मजबूत होगी।"


पाकिस्तान की गणतंत्र दिवस परेड में सऊदी अरब की 'सऊदी स्पेशल फोर्स' के दल और तुर्की के 'तुर्किश जानिसारे मिलिट्री बैंड' के दल ने भी हिस्सा लिया। 23 मार्च 1940 को लाहौर में मुसलमानों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया था। उसी की याद में पाकिस्तान में हर साल 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस मनाया जाता है। इसे पाकिस्तान गणतंत्र दिवस और पाकिस्तान प्रस्ताव दिवस के रूप में भी जाना जाता है।