पाक: गैर-मुस्लिम लड़कियों का अपहरण, 'धर्म-परिवर्तन' जारी; सरकारी लापरवाही से फैला 'खौफ'

नई दिल्ली (25 अप्रैल): पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नाबालिग लड़कियां अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के खतरे से परेशान हैं। पाक सरकार का सहारा ना मिलने पर वह अपने बचाव के लिए किसी "दैवीय चमत्कार" की उम्मीद कर रही हैं। मीडिया में आई रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी गई है।

'मेलऑनलाइन' की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 अप्रैल को सिंध प्रांत से तीन नाबालिग लड़कियां अपने गांवों से लापता हो गई थीं। ये सभी हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। लापता लड़कियों में निकनो भील तलका इस्लामकोट गांव के निवासी शोभो भील की 14 वर्षीय बेटी पीरमा भील भी शामिल है। इसके अलावा हैदराबाद की किरन मेंघवर और संघेर जिले से अगवा हुई मलूक जोगी की 14 वर्षीय बेटी लीलन जोगी शामिल हैं।

सिंध प्रांत में इन लड़कियों के अपहरण के बाद हिंदू समुदाय में डर और नाराजगी का एक माहौल देखा जा सकता है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य रमेश कुमार ने बताया, "इन लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कियों को इलाके के प्रभावशाली मुस्लिमों ने अगवा किया है। जिनमें हयात हिंगोरजो भी शामिल हैं। हिंगोरजो को कथित तौर पर पाकिस्तान के लोअर हाउस के सदस्य फ़कीर शेर मोहम्मद का समर्थन मिला हुआ है। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक इन चारों लड़कियों का अता पता नहीं लग सका है। जबकि, पुलिस और पीड़ित परिवारों की तरफ से तमाम कोशिशें की गई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जाना कोई नई बात नहीं है। हर महीने करीब 4 हिंदू लड़कियों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनाया जाता है। वर्तमान में पाकिस्तान में करीब 20 लाख हिंदू रहते हैं। जिनमें से ज्यादातर दक्षिणी प्रांत सिंध में रहते हैं। ज्यादातर लोग पिछड़ी जातियों से संपर्क रखते हैं।

रिपोर्ट में डॉक्टर रमेश कुमार के हवाले से कहा गया है, "हमारा समुदाय लूट और हमारे आदमियों का अपहरण बर्दाश्त कर सकता है, लेकिन हमारी बेटियों का अपहरण और धार्मिक पुस्तकों को जलाया जाना दर्दनाक है।" इसके अलावा मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल पाकिस्तान में करीब 1,000 गैर-मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन किया जाता है। हालांकि, असल संख्या इकट्ठा करना मुश्किल है।