#Wimbledon के दूसरी बार चैम्पियन बने एंडी मर्रे

नई दिल्ली (10 जुलाई): ब्रिटेन के एंडी मर्रे ने दूसरी बार विंबलडन ख़िताब जीत लिया है। उन्होंने फ़ाइनल में पहली बार पहुंचे कनाडा के मिलोस राओनिच को 6-4, 7-6 और 6-6 से करारी शिकस्त दी है। 

गौरतलब है, इस फाइनल मुकाबले में पिछले 14 साल में पहली बार ऐसा हुआ जबकि रफ़ाएल नडाल, रॉज़र फ़ेडरर और नोवाक जोकोविच विंबलडन फ़ाइनल में नहीं खेले। मर्रे के लिए ख़िताब जीतने का ये सुनहरा मौक़ा था। मर्रे तीन साल पहले विंबलडन जीतकर 1936 के बाद विंबलडन जीतने वाले पहले ब्रिटिश खिलाड़ी बने थे।

जीत के बाद मर्रे के प्रशंसकों में जश्न का माहौल है, जिसे मौके पर ही देखा जा सकता था। मर्रे ने जीत के बाद कहा, "मैं बेहद खुश हूं कि मेरे हाथों में दोबारा ट्रॉफी आई है।"

गौरतलब है, इस साल मर्रे शानदार फ़ॉर्म में दिखे हैं। ऑस्ट्रेलियन और फ़्रेंच ओपन के फ़ाइनल में मर्रे पहुंचे लेकिन जोकोविच ने उन्हें विजेता का ताज़ नहीं पहने दिया। एंडी मर्रे ने कहा, "कड़ी मेहनत के बाद जीतना हमेशा से ख़ास रहा है। कई बार मैं जीता हूं तो कई बार कड़े मुक़ाबले में हारा भी हूं, इस बार मैं जीतना चाहूंगा।"

इस मैच से पहले की बात करें तो राओनिच और मर्रे के बीच मर्रे को बढ़त हासिल है। दोनों के बीच 9 मैच हुए हैं और मर्रे ने 6 बार राओनिच को हराया है। इतना ही नहीं राओनिच के ख़िलाफ़ खेले पिछले 5 मैच मर्रे के खाते में रहे हैं। आख़िरी बार दोनों क्वीनस क्लब ओपन में टकराए जिसमें मर्रे की जीत हुई।

दूसरी तरफ 25 साल के राओनिच ने इससे पहले फ़ेडरर को सेमीफाइनल में हराकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। राओनिच ने कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीता है लेकिन उनके स्पोर्ट स्टाफ़ में 1998 में फ़्रेंच ओपन विजेता कार्लोस मोया और 7 ग्रैंड स्लैम विजेता जॉन मैकनरो हैं। ज़ाहिर है इनके अनुभव का फ़ायदा राओनिच को खूब मिला। उन्होंने मर्रे की कड़ी चुनौती दी, लेकिन फाइनल मुकाबले में मर्रे से  6-4, 7-6 और 6-6 से हार गए।

फाइनल से पहले मिलोस राओनिच ने कहा था, "मर्रे एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, वो अपने खेल में कई तरह के शॉट्स का इस्तेमाल करते हैं और आप उनके तरीके से खेलने लगते हैं। लेकिन इस बार मेरा लक्ष्य होगा कि मैं अपने तरीके से खेलूं और मर्रे को बढ़त लेने से रोकने की कोशिश करुंगा।"