बैन, बाजा , बारात: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में होनी हैं 50 हजार शादियां

नई दिल्ली(4 दिसंबर): आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रविवार के दिन लगभग 50,000 शादियां होने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि इसे सीजन का सबसे शुभ दिन माना जा रहा है। लेकिन शादियों वाले परिवार नोटबंदी से जूझ रहे हैं क्योंकि अकाउंट से शादी के लिए धन निकालने के लिए बैंकों के डॉक्युमेंट की लंबी लिस्ट पूरी करनी है।

- परिवारों को शादी के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित की गई बैंक से 2.5 लाख रुपये निकालने की छूट के साथ भी जूझना पड़ रहा है। कैश की कमी से जूझ रहे बैंक, परिवारों से केवल आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे डॉक्युमेंट ही नहीं बल्कि शादी में सप्लाई करने वाले वेंडरों का की लिस्ट जिन्हें कैश में पेमेंट किया जाना है और वेंडर की तरफ से कैश लिए जाने का शपथपत्र भी मांग रहे हैं। 

- बैंकों का कहना है कि वेंडरों को इस शपथपत्र में कहना होगा कि उनके पास बैंक अकाउंट नहीं है इसलिए वह कैश में पेमेंट ले रहे हैं।

- अब लोग सरकार की इस छूट की आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह वेंडरों के पास से डॉक्युमेंट ही इक्ट्ठे करते रहें या शादी की तैयारियां करें। इसके अलावा, लोगों की यह भी शिकायत है कि सारे डॉक्युमेंट जमा करने के बावजूद भी बैंक 1.2 लाख रुपये से ज्यादा पैसा देने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि उनके पास कैश नहीं है। 

- माधापुर की निवासी वी चंद्रिका ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'मुझे अपनी बेटी की शादी टालने पर मजबूर होना पड़ा जो रविवार को होने वाली थी। मैंने बेटी की शादी के लिए अपना घर बेच दिया था लेकिन उससे मिला सारा पैसा मेरे अकाउंट में था। लेकिन मैं अपने बच्चे की शादी के लिए ही अपना पैसा बैंक से नहीं निकाल सकती।'

- वहीं, बैंकों का कहना है कि वह केवल सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। आंध्रा बैंक के जनरल मैनेजर एमएन सुधाकर ने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बैंक से वास्तव में शादी के लिए कैश निकाला जा रहा है। हम आरबीआई के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।' शादी वाले परिवारों की दिक्कत यह है कि ज्योतिषियों का कहना है कि इस हफ्ते के बाद शुभ मुहूर्त 15 जनवरी के बाद ही आएगा। वहीं, शादी के लिए 2.5 लाख रुपये निकालने की छूट केवल 30 दिसंबर तक के लिए है।