आंध्र प्रदेश पुलिस के कंप्यूटरों पर साइबर अटैक, मांगी फिरौती

नई दिल्ली (13 मई): भारत समेत दुनियाभर के 100 देशों में इतिहास का सबसे बड़ा साइबर अटैक हुआ है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस से हुई। यूके के कई हॉस्पिटल्स में कम्प्यूटर्स और फोन बंद हो गए। इसके बाद कई देशों में अस्पतालों, बड़ी कंपनियों और सरकारी दफ्तरों की वेबसाइट्स पर अटैक हुआ।


आंध्र प्रदेश में पुलिस विभाग के कंप्यूटर को शनिवार को एक ग्लोबल साइबर ने हमलाकर निशाना बनाया है। चित्तूर, कृष्णा, गुंटूर, विशाखापत्तनम और श्रीकुलम जिले की सभी 18 पुलिस इकाइयों के कंप्यूटर इस साइबर हमले से प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे रोजमर्रा के कामों में कोई बाधा नहीं आई।


पुलिस महानिदेशक एन. संबाशिवा राव ने कहा कि कुछ स्टैंडअलोन कंप्यूटर (जो स्थानीय नेटवर्क कनेक्शन के बिना संचालित हो सकते हैं) प्रभावित हुए हैं और एहतियात के तौर पर उन्हें लॉग ऑफ (बंद) कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले कंप्यूटर साइबर हमले का शिकार हुए हैं। पुलिस प्रमुख का ऐपल (आईओएस) का कंप्यूटर सुरक्षित है।


माना जाता है कि ग्लोबल साइबर हमले के लिए हैकिंग टूल के इस्तेमाल को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने इजाद किया था, जिसने करीब 100 देशों में हजारों कंप्यूटरों को प्रभावित किया। तिरुपति (अरबन) मंडल की पुलिस निरीक्षक आर. जया लक्ष्मी ने कहा कि वह डेटा तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं और पहुंचने देने के लिए हैकर बिटकॉइन (पेमेंट नेटवर्क) पर फिरौती मांग रहे हैं।


उन्होंने कहा कि इस हमले का बहुत कम असर पड़ेगा, क्योंकि एफआईआर और अन्य दस्तावेजों का रिकॉर्ड ऑफलाइन भी रखा जाता है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वे गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं और डेटा सुरक्षित रखने के लिए सभी एहतियात बरत रहे हैं। वहीं तेलंगाना पुलिस ने कहा कि उसके कंप्यूटर सिस्टम प्रभावित नहीं हुए हैं। तेलंगाना तकनीकी कंप्यूटर सेवा प्रभारी कृष्णा प्रसाद के अनुसार, 'तेलंगाना पुलिस की वेबसाइट अच्छी तरह काम कर रही है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है।'