आंध्र सरकार की तिरुमाला मंदिर में दर्शन के लिए कोटा लागू करने की तैयारी


नई दिल्ली ( 31 जनवरी ):
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में भगवान बालाजी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं पर आंध्र प्रदेश सरकार, 'कोटा' सिस्टम लगाने की तैयारी कर रही है। अपनी तरह के इस अनोखे प्रयोग की वजह मंदिर में बार-बार आने वाले श्रद्धालुओं पर लगाम लगाना है।

प्रदेश सरकार में मंत्री पी. मणिकयाला राव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'कई सारे श्रद्धालु महीने में 2 या 3 बार इस मंदिर का चक्कर लगाते हैं। इससे उन श्रद्धालुओं को समस्या होती है, जो साल में एक बार या फिर कभी-कभार ही दर्शन के लिए आते हैं। इस मामले में जनता की राय ली जाएगी।' 

राव ने बताया कि सरकार इस मामले में श्रद्धालुओं, मीडिया और जनता की सलाह लेगी। प्रत्येक दिन करीब 70 हजार श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं। उन्होंने बताया कि टीटीडी मंदिर की तरफ से 'प्रति वर्ष एक दर्शन' की नीति लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन सिस्टम में कुछ बदलाव लाने और तकनीक के प्रयोग पर विचार किया जा रहा है। 

राव ने बताया कि टीटीडी के अलावा धर्मार्थ विभाग ऐसी योजना पर भी विचार कर रहा है कि सभी मंदिरों में श्रद्धालु 30 मिनट में ही दर्शन कर सकें। वर्तमान में करीब 50 हजार श्रद्धालु ऐसे हैं, जो मंदिरों में निशुल्क दर्शन कर सकते हैं। अब इस संख्या को बढ़ाकर डेढ़ लाख तक पहुंचाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। 

मंदिर के दर्शन के लिए कोटा का विचार सबसे पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित हुआ था, जब एन किरण कुमार रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री थे। उस दौरान मामले में शुरुआती स्टडी भी हुई थी, लेकिन उसके बाद से प्रस्ताव अभी तक पेपरों में ही है।