आंध्र प्रदेश के मंदिरों में आतिशबाजी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (19 अप्रैल): आंध्र प्रदेश सरकार के इंडोमेंट्स डिपार्टमेंट ने राज्य में मंदिरों के किसी भी त्यौहार पर आतिशबाजी के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश केरल के मंदिर में आतिशबाजी की वजह से हुए भयानक हादसे के कुछ दिन के बाद आया है। जिसमें करीब 100 लोगों की जान चली गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्व (निधि) के प्रधान सचिव जेएसवी प्रसाद ने बताया, "सरकार ने आतिशबाजी की प्रतियोगिता का प्रदर्शन ने नियमों और शर्तों का उल्लंघन कर केरल के कोल्लम के मंदिर के त्यौहार को हादसे में बदल दिया। जिसमें भयानक नुकसान हुआ। यह आवश्यक है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से सबक लिया जाए। जिससे इस तरह के हादसे को टाला जा सके।"

सभी मंदिरों के कार्यकारी अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है वे तुरंत ही सुरक्षा संबंधी सावधानी के कदम उठाएं। आदेश में अधिकारियों से शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए अच्छी गुणवत्ता की इलैक्ट्रिक वायरिंग करवाने के लिए भी कहा गया है। जो भी आग लगने के लिए एक अहम कारण माना जाता है।

अगर कोई मंदिर आतिशबाजी का प्रदर्शन करना चाहता है। तो उसे स्थानीय जिला प्रशासन से पहले अनुमति लेनी होगी। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के कार्यकारी अधिकारियों से भी वेंकटेश्वर मंदिर के साथ इसके नियंत्रण में आने वाले दूसरे मंदिरों की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।