देहरादून में हाई-प्रोफाईल मौत मिस्ट्री पर उठे सवाल


अधीर यादव, देहरादून (16 अप्रैल): उत्तराखंड की हाईप्रोफाइल आंचल पांधी की मौत की मिस्ट्री आज भी रहस्य बना हुआ है। इस रहस्यमयी मौत ने अपने पीछे कई सवालों को जन्म दे दिया है। आंचल पांधी को मरे तकरीबन 2 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मौत कैसे हुई और इसके पीछे वजह क्या थी। इस केस से जुड़े कई पहलू आज भी पहेली बने हुए हैं।


आंचल पांधी मौत मामले में आंचल के परिवार ने अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। मृतक आंचल के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक पुलिस ने जांच घुमा-फिराकर की है। आंचल पांधी के पिता को अब पुलिसिया जांच पर तनिक भी भरोसा नहीं रह गया है, वो अब इस पूरे केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।


14 फरवरी वेलेंटाइन डे के दिन आंचल की लाश देहरादून में उसके फ्लैट में पंखे से संदिग्ध हालत में लटकी मिली थी। आंचल की लाश दुपट्टे के सहारे पंखे की पंखुड़ियों से लटकी मिली, पैर जमीन से सटे थे और सामने बाल्टी पड़ी थी। आंचल के भाई का सवाल जायज है कि आंचल राहुल पांधी नाम के शख्स के साथ बिना शादी कई सालों से रह रही थी। राहुल हमेशा शादी की बात को टाल देता था और जिस दिन ये घटना घटी उस दिन राहुल को अपने अपार्टमेंट की पिछली गेट से रेलिंग फांद कर जाते देखा गया था। फिर कुछ घंटे बाद वो पुलिस के साथ अपने अपार्टमेंट वापस भी लौटता है और यहीं से राहुल पर शक की सूई घूमती है, लेकिन पुलिस फिर भी इस एंगल को नजरअंदाज किए हुए है और केस में अपने कार्रवाई को लेकर पीठ थपथपा रही है।


दरअसल राहुल पांधी देहरादून के नामी परिवार का बेटा है। देहरादून से लेकर दिल्ली तक के बड़े नेताओं में उठना बैठना और बड़ी-बड़ी पार्टियो में जाना उसका सबसे बड़ा शौक है। शायद यही वजह है कि पुलिस इस केस को अब भी सुसाइड नोट मानकर अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ाए हुए है।


आंचल के परिजनों का सवाल है कि अगर सुसाइड के दावे को सच मान भी लिया जाए तो कैसे...


- 5 फीट 2 इंच की आंचल पंखे से फंदा कैसे लगा सकती थी ?

- क्योंकि पंखा 10 फीट की उंचाई पर टंगा था ?

- डेढ़ फीट की बाल्टी के सहारे आंचल पंखे तक कैसे पहुंची ?

- आंचल पंखे की पंखुड़ियों से लटकी मिली थी ?

- लेकिन सवाल ये है कि अगर वो पंखे से लटकी तो पंखुड़ियां मुड़ी हुई क्यों नहीं थी ?

- अगर आंचल ने खुद को फांसी लगाई तो उसके पैर जमीन से कैसे सटे थे ?