'अनंत' दुख में बीजेपी, PM मोदी ने साढ़े 4 साल में खोया अपना तीसरा मंत्रिपरिषद सहयोगी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 नवंबर): भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का आज सुबह करीब 1 बजकर 59 मिनट पर निधन हो गय। अनंत कुमार पिछले काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे। अनंत कुमार का पहले लदंन और फिर न्यूयार्क में इलाज चला, जिसके बाद 20 अक्टूबर को उन्हें वापस बेंगलुरु के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उनका इलाज हो रहा था। पिछले शुक्रवार को उनकी पत्नी ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए कहा था कि अब अनंत ठीक हैं, लेकिन फिर कल रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने देर रात दुनिया को अलविदा कह दिया।59 साल के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार का यूं जाना बीजेपी के लिए किसी सदमे से कम नहीं है, लोगों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके लोकप्रिय नेता अनंत कुमार ने इस तरह से साथ छोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए ट्विटर पर लिखा है कि मेरे सहकर्मी और दोस्त अनंत कुमार के निधन के बारे में सुनकर मुझे काफी दुख हुआ। अनंत कुमार दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक में बीजेपी को मजबूत करने वाले नेताओं में वह शुमार थे। वाजपेयी सरकार में भी वह मंत्री रहे थे और उस वक्त कैबिनेट के सबसे युवा सदस्य थे। अनंत कुमार से पहले मोदी सरकार के 2 और मंत्रियों का असामयिक निधन हुआ था।सबसे पहले बीजेपी के कद्दावर नेता गोपीनाथ मुंडे का 3 जून 2014 को एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। वह मोदी सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री थे। असामयिक निधन की वजह से वह भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे कम वक्त तक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहे। वहीं पहले पिछले साल 17 मई को अनिल माधव दवे का असामयिक निधन हो गया था। वह मोदी सरकार में पर्यावरण मंत्री थे। दवे की पहचान पर्यावरण के लिए लड़ने वाले योद्धा की रही। उनका पूरा जीवन नर्मदा नदी की सेवा करने और पर्यावरण को बचाने में समर्पित रहा।