3 मिनट में 17 ग्रेनेड, आतंक के आकाओं का प्लान 'Triple Attack', जानिए #UriAttack की INSIDE STORY...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (19 सितंबर): जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में 12वीं ब्रिगेड के मुख्यालय में कल हुए आतंकी हमले में 17 जवान शहीद हो गए। पाकिस्तानी आतंकियों की कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए देश के कोने-कोने से आवाज उठ रही है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है। कोई कह रहा है कि एक दांत के बदले जबड़ा तोड़ दो, तो कोई कह रहा है आखिर कब तक केक और शाल की राजनीति चलेगी, पाकिस्तान को उसकी भाषा में जवाब दे सरकार। अभिनेता हों या आम आदमी, सरकार के अंदर के लोग हों या बाहर के सबकी एक ही मांग है, पाकिस्तान पर कठोर और निर्णायक कार्रवाही करे मोदी सरकार। जानिए उरी हमले की इन्साइड स्टोरी और क्या मोदी सरकार पाकिस्तान को गोली का जवाब ग्रेनेड से देगी...

- उरी हमला कश्मीर में सेना पर अब तक का सबसे बड़ा हमला है। - हमला रविवार को 12वीं ब्रिगेड के मुख्यालय में सुबह 5 बजे हुआ था। - आतंकियों की इस कायराना हरकत में 17 जवान शहीद हो गए। - शहीद जवानों में 15 बिहार रेजिमेंट के और 2 डोगरा रेजिमेंट के हैं। - कुछ अन्य घायल जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। 

जंग की पूरी तैयारी के साथ आए थे आतंकी...

- DGMO लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने ऑपरेशन के बाद किए कई खुलासे। - चारो पाकिस्तानी आतंकवादी जंग जैसी तैयारी करके आए थे। - आतंकी कैंप से 6 किलोमीटर दूर झेलम से लगते सलामाबाद नाले से दाखिल हुए थे। - उनके पास चार एके47, ग्रेनेड लॉन्चर और भारी मात्रा में गोलाबारूद मिला। - उनके पास आग लगाने वाले हथियार भी थे। - आतंकी तड़के 3.30 बजे ब्रिगेड हेडक्वार्टर की पिछली दीवार से दाखिल हुए थे। - ब्रिगेड हेडक्वार्टर से सटे नाले के रास्ते से कैंप में घुसे थे आतंकी। - 4 आतंकियों ने 105 मिनट रेकी की, फिर 180 सेकंड में दागे 17 ग्रेनेड। - 5.15 बजे आतंकियों ने डीजल भर रहे सेना के जवानों पर हमला किया।  - हमले से 150 मीटर इलाके में मौजूद टैंट और बैरकों में आग लग गई। - हमले के बाद आतंकियों ने बैरकों में छिपने को कोशिश की। - सेना की ओर से तुरंत जवाबी हमला शुरू हुआ।  - लेकिन वहां मौजूद 19 साल के डोगरा जवान ने एक आतंकी को मार गिराया।  - जवान के हेलमेट पर गोली लगी, जख्मी जवान फिर भी आतंकियों पर गोली चलाता रहा। - आतंकी भागकर बैरकों के दूसरे फ्लोर तक पहुंच गए।  - तुरंत हेलीकॉप्टर से पैरा कमांडो मौके पर उतारे गए। - कुछ घंटे में ही पैरा कमांडो ने बचे तीन आतंकियों को मार गिराया। - चारों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के बताए जा रहे हैं। - जब हमला हुआ तब कैंप में बड़ी संख्या में जवान और अफसर मौजूद थे।  

पश्तो भाषा में लिखा था पूरा प्लान...

- एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक अतंकियों ने हमले का पूरा प्लान पश्तो भाषा में लिखा था।  - प्लान में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पास भारी पैमाने पर असलहों की जानकारी भी मिली। - आतंकियों के मिशन प्लान में उरी आर्मी कैंप का नक्शा भी बना हुआ था। - नक्शे में कैंप के मेडिकल, प्रशासनिक भवन और ऑफिसर्स मेस की जानकारी होने की बात कही जा रही है। - माना जा रहा है कि इस आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी समूह सिपाह-ए-सहाबा का हाथ हो सकता है। - तालिबान और मसूद अजहर के इशारों पर काम करता है एसएसपी - सिपाह-ए-साहबा पाकिस्तान (एसएसपी) जैश की मदद से बनाया ग्रुप है। - यह समूह खुद को 'गार्जियंस ऑफ द प्रोफेट' के नाम से बुलाता हैय़ - इसके आतंकी सीधे जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के आदेशों पर काम करते हैं।

आतंक के आकाओं ने बनाया था ट्रिपल प्लान...

- सुरक्षा सूत्रों से मुताबिक उरी हमले में सीमा पार बैठे आतंकियों के आकाओं ने तीन बड़ी योजनाएं बनाई थीं।  - निहत्थे जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ऑफिसर्स मेस में खुद को उड़ा लेना चाहते थे आतंकी। - इसके तहत ही सेना के कैंप पर फिदायीन हमला किया गया।  - पहली योजना थी कि निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ज्यादा से ज्यादा जवानों को मारा जाए। - दूसरी योजना थी हेडक्वार्ट्स के प्रशासनिक ब्लॉक में मेडिकल एड युनिट में घुसकर वहां खूनखराबा किया जाए। - तीसरी योजना थी अंत में ऑफिसर मेस में घुसकर खुद को उड़ा लेना।  - लेकिन पैरा स्पेशल फोर्सेज ने आतंकियों के नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया। - स्पेशल फोर्सेज ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया  - फोर्सेज ने तेजी से ऑपरेशन को आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया।

आतंक का सरगना मौलाना मसूद अजहर...

- मसूद अजहर उन तीन आतंकियों में से एक है जिन्हें कंधार विमान अपहरण के दौरान भारत सरकार को छोड़ना पड़ा था।  - रिहाई के बाद मसूद अजहर को वापस उसके देश पाकिस्तान भेज दिया। - जहां उसने दो महीने के अंदर 1999 में जैश-ए-मोहम्मद का गठन कर लिया। - और इसके गठन के साल भर के अंदर ही उसने भारत में कई सीरियल ब्लास्ट भी कर दिए। - 2001 में संसद हमले को जैश-ए-मोहम्मद ने मसूद अजहर और खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर अंजाम दिया था।  - मुंबई में हुए धमाकों और जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे मसूद अजहर का नाम आता है। - वर्तमान समय में मसूद अजहर पाकिस्तान में रह रहा है और अक्सर भारत के खिलाफ सार्वजनिक सभाओं में जहर उगलता रहता है।

7RCR में हुई उच्‍चस्‍तरीय बैठक...

प्रधानमंत्री निवास, 7 रेसकोर्स रोड पर आयोजित बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, वित्‍त मंत्री अरुण जेटली, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग समेत कई वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद रहे।  रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने पाकिस्‍तान को कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग करने का फैसला किया है। 

पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने के लिए मुहिम चलाई जाए। प्रधानमंत्री के आवास पर हुई बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। खुद प्रधानमंत्री ने भी देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि इस हमले में जिन लोगों का हाथ है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। 

World Media की रिपोर्ट...

न्यूयॉर्क टाइम्स: पठानकोट हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनातनी है। अब उड़ी बेस कैंप में हुए ताजा हमले से दोनों देशों के संबंध टूटने की कगार पर पहुंच सकते हैं।

दा टेलीग्राफ: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कसम खाई है कि इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों देशों की सीमाओं पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 

वाशिंगटन पोस्ट: कश्मीर में भारतीय सेना पर दो दशकों का सबसे बड़ा हमला हुआ है। आतंकी अंधेरे का फायदा उठाते बेस कैंप में आ गए।