पंजाब ट्रेन हादसे की गुपचुप जांच में जुटा रेलवे प्रशासन

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 अक्टूबर): अमृतसर में हुए रेल हादसे में जहां एक ओर रेलवे किसी भी चूक से इनकार कर रहा हैं, वहीं इस हादसे पर रेलवे की गुपचुप जांच भी चल रही है। इस हादसे से ठीक पहले गुजरी ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड के साथ हादसे वाली ट्रेन के गार्ड और ड्राइवर को लुधियाना रेलवे स्टेशन पर पूछताछ के लिए ट्रेन से उतारा गया था। ट्रेन की गार्ड रूम में मौजूद 5 लोगों से भी गुपचप तरीके से पूछताछ हो रही है। सवाल है कि आखिर रेलवे इस मामले में क्यों गुपचुप तरीके से पूछताछ कर रही है। अगर रेलवे की कोई लापरवाही है तो मामले की खुली जांच क्यों नहीं हो रही।हादसे में रेलवे ने अपनी तरफ से किसी भी चूक से इनकार किया है। न्यूज़ 24 से बात करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि रेलवे की कोई गलती नहीं है, न ड्राईवर की न ही किसी और स्टाफ की। सवाल ये है कि क्या रेलवे किसी भी जवाबदेही से बच सकता है। न्यूज 24 की पड़ताल में सामने आया है कि गार्ड रूम हादसे वाले जगह से थोड़ी ही दूर मौजूद था, लेकिन फिर भी लोगों की भारी भीड़ को पटरी पर देखते हुए भी ट्रेन ड्राइवर को इस बारे में सूचित नहीं किया गया।

आपको बता दें कि पंजाब के अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसे में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 50 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनका इलाज अमृतसर के 8 अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अमृतसर ट्रेन हादसे के चार वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें देखकर रुह कांप जाती है। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सामने रावण का पुतला जल रहा है, सामने लोग खड़े हैं और देखते-देखते तेज स्पीड ट्रेन आई और लोग कटते चले गए। पुतला दहन के वक्त पटाखों की इतनी तेज आवाज की ट्रेन की आवाज लोग सुन भी नहीं पाए और अचानक आई ट्रेन में ऐसे ही चपेट में आते गए लोग। वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि लोगों को थोड़ा भी आभास नहीं होता कि ट्रेन आने वाली है या आ रही है।पुतला दहन के वक्त रोशनी इतनी तेज है कि किसी को आती हुई ट्रेन की लाइट तक नहीं दिखी। ट्रेन की आवाज पटाखों के शोर में दब गई और लाइट पुतले की रोशनी में खो गई और अचानक तेज स्पीड में आई ट्रेन व लोगों पर चढ़ती चली गई। हादसे के ठीक पहले लोग मोबाइल से वीडियो बनाने में मशगूल थे। ट्रेन की पटरी पर खड़े होकर मोबाइल से रावण दहन की तस्वीरें ले रहे हैं और देखते देखते ट्रेन आ जाती है।सिद्धू पहुंचे, कैप्टन 12 घंटे बाद भी नहीं पहुंचेपंजाब के अमृतसर में रेल हादसे को 12 घंटे से भी ज्यादा समय बीत गया, लेकिन वहां पर सूबे के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह हादसे की जगह पर नहीं पहुंचे। हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू घायलों का हालचाल लेने के लिए अस्पताल पहुंचे, मगर वह भी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त उनकी पत्नी वहां पर मौजूद थी, लेकिन सिद्धू ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया। इसी के साथ अब ये खबर आ रही है कि आयोजन स्थल पर रावण दहन की इजाजत नहीं ली गई थी। ये आयोजन स्थानीय कांग्रेस पार्टी की ओर से कराया गया था।सिद्धू की पत्नी ने जाने पर दी ये सफाईहादसे के वक्त कांग्रेस नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के तौर पर मौजूद थीं। गुस्साए लोगों ने उन पर भी संवेदनहीनता के आरोप लगाए हैं। हालांकि नवजोत कौर ने आरोपों पर अपनी सफाई दी है। एक चश्मदीद ने खुलासा किया कि रावण दहन के इस कार्यक्रम में पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी भी मौजूद थीं। लेकिन हादसे के बाद ही वो कार में बैठकर चली गईं।ये बेहद चौंकाने वाला बयान था। लेकिन थोड़ी ही देर बाद नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू का बयान आया। वह कह रही हैं कि मैं वहां थी, लेकिन हादसे से पहले वहां से चली आईं। 15 मिनट बाद हादसा हुआ। पुलिस कमिश्नर से बात की तो उन्होंने कहा कि वहां पत्थरबाजी हो रही है इसलिए मैं अस्पताल चली आई। घायलों को अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। नवजोत कौर सिद्धू सिविल अस्पताल में दिखीं। अस्पताल घायलों से भरा पड़ा था। थोड़ी देर में अस्पताल प्रशासन की ओर से ब्लड डोनेट करने की अपील की गई।