मशहूर कव्वाल अमजद साबरी की कराची में गोली मार कर हत्या

कराची (22 जून) : मशहूर पाकिस्तानी कव्वाल अमजद साबरी की अज्ञात हमलावरों ने कराची में बुधवार को गोली मार कर हत्या कर दी। साबरी उस वक्त कार में जा रहे थे। हमला लियाकताबाद इलाके में हुआ।

इस हमले में अमजद साबरी का ड्राइवर घायल हो गया। बताया जा रहा है कि कार पर 11 गोलियां चलाई गईं। दो गोलिंयां अमजद साबरी को लगींं। 

चश्मदीदों के मुताबिक हमले में बुरी तरह घायल अमजद साबरी को अब्बासी शहीद अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

समा टीवी से बात करते हुए अमजद साबरी के सहायक ने हमले की पुष्टि की है। साबरी के भाई ने कहा है कि हमले में अमजद साबरी शहीद हो गए। 

बजरंगी भाईजान पर लगाया था कॉपीराइट का उल्लंघन का आरोप 

अमजद साबरी का नाम पिछले साल तब विवाद में आया था जब उन्होंने दावा किया था कि 'बजरंगी भाईजान' ने उनकी कव्वाली 'भर दे झोली' का बिना अनुमति लिए इस्तेमाल किया था, जो कि कॉपीराइट का उल्लंघन था। साबरी ने फिल्म के निर्देशक कबीर खान पर केस करने की भी बात कही थी।   

कौन थे अमजद साबरी?

अमजद साबरी मशहूर कव्वाल दिवंगत हाजी गुलाम फरीद साबरी के बेटे थे। साबरी ब्रदर्स सूफी कव्वाली के लिए जाने जाते हैं। इस कव्वाली की खास बात गुलाम फरीद साबरी की ओर से 'अल्लाह' का बार-बार उच्चारण करना था। गुलाम फरीद ने अपने भाई दिवंगत हाजी मकबूल अहमद साबरी के साथ सूफी कव्वाली की शुरुआत की थी। पश्चिमी जगत को इन्होंने ही कव्वाली से परिचित कराया।