अधूरी रही 'गब्बर' की यह ख्वाहिश...

मुंबई (27 जुलाई): आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर एक्टर अमजद खान की 24वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनके बेटे शादाब खान ने एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत में अपने वालिद साहब के बारे में कई ऐसी बातें समेटने की कोशिश की है, जिन्हें आप पढ़कर अमजद खान को और भी ज्यादा करीब से जान पाएंगे।

आज अमजद खान साहब को किस तरह से आप याद करते हैं? देखिए हमारे वालिद साहब की 1992 में डेथ हुई थी और अगले साल पूरे 25 साल भी हो जाएंगे। जब उनकी डेथ हुई तो मैं लगभग 18 साल का था, मेरा भाई 10 साल का और बहन 14 साल की थी। उन दिनों की यादें भी ताजा रहती थी, लेकिन अब काफी दुःख होता है क्योंकि बहुत सारी यादें धुंधली-सी पड़ गई हैं। अब कई सारी बातें याद करने की कोशिश करते हैं लेकिन वो चीजें याद आती नहीं हैं।

अमजद खान साहब की कोई तमन्ना थी? उनकी सबसे बड़ी तमन्ना या गम ये था की उन्होंने काफी स्ट्रगल किया था। बावजूद इसके उन्हें काम पर काफी जलील भी किया गया था। उस समय मेरे दादा जी की तबियत भी खराब रहती थी तो वो उन्हें बहुत सारी बातें बताया नहीं करते थे। फिर जब डैड को काम मिला, 'शोले' फिल्म बनके रिलीज होने वाली थी। उससे कुछ हफ्ते पहले ही मेरे दादा जी की डेथ हो गई और वो शोले नहीं देख पाए। मेरे वालिद की सबसे बड़ी तमन्ना थी की उनके पिताजी उनका सबसे बड़ा काम देखें, जो कि पूरा न हो सका। ये ही उनका एक गम था, पूरी जिंदगी वो इस ग़म को लिए जीए।