नोएडा: एमिटी यूनिवर्सिटी के लॉ स्टूडेंट ने 'परीक्षा से बाहर किए जाने पर' की खुदकुशी

नई दिल्ली (17 अगस्त):  नोएडा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के एमिटी लॉ स्कूल के स्टूडेंट सुशांत रोहिला ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। इस मामले में यूनिवर्सिटी ने डिपार्टमेंट के दो सदस्यों को छुट्टी पर भेज दिया है। यूनिवर्सिटी ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन किया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत को 'अटेंडेंस की कमी' की वजह से मई में छठे सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था। जिसके बाद उसने दक्षिणी दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित अपने घर में पिछले हफ्ते आत्महत्या कर ली। छात्र के परिजन ने कॉलेज प्राधिकार पर छात्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। 

छात्र के परिवार के सदस्यों तथा मित्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और अधिकारियों की तरफ से मामले में गड़बड़ी का आरोप लगाया। वहीं एमिटी की प्रवक्ता सविता मेहता ने कहा, "हमने मामले की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए, दो संकाय सदस्यों को जांच पूरी होने तक अवकाश पर भेज दिया गया है।"

कॉलेज में बीए-एलएलबी के चौथे वर्ष के छात्र सुशांत रोहिला राज्यसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी का बेटा था। मृतक के परिवार के अनुसार, सुशांत और 19 अन्य छात्र, जिन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी, से वादा किया गया था कि उन्हें परीक्षा में बैठने दिया जाएगा और अगले सेमेस्टर में जाने दिया जाएगा। 

हालांकि, एमिटी यूनिवर्सिटी ने हालांकि रोहिला की मौत के मामले में अपनी किसी भूमिका से इनकार किया है और घटना पर दुख व्यक्त किया है। मेहता ने कहा, "एमिटी लॉ स्कूल, दिल्ली गुरु गोविंद सिंह आईपी यूनिवर्सिटी से जुड़ा है। छात्रों को उस यूनिवर्सिटी के फैसले के अनुसार परीक्षा देने से रोका गया था और एमिटी लॉ स्कूल की इसमें कोई भूमिका नहीं है।"

उन्होंने कहा, 'रोहिला की हाजिरी 43% थी, जबकि इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के नियमानुसार छात्र की हाजिरी कम से कम 75 प्रतिशत होनी चाहिए। उसके अभिभावकों को कई बार ई-मेल से इसकी सूचना दी गई थी।' मेहता ने कहा, "इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के नियमानुसार हाजिरी आईपीयू को भेजी गई, वही परीक्षा के लिए छात्रों को प्रवेशपत्र जारी करता है।'

सुशांत की मौत के बाद #JusticeForSushant के साथ सोशल मीडिया पर भी लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं।