25 साल बाद गांधी परिवार से रिश्तों को लेकर बोले अमिताभ, कहा- हम अब भी अच्छे दोस्त

नई दिल्ली(16 सितंबर): अमिताभ बच्चन और गांधी परिवार के रिश्तों की बात हमेशा से होती रही है। 1990 के दशक के बाद दोनों परिवारों की दोस्ती में दरार पड़ने की खबरें आई थीं। 

- अमिताभ ने कहा, "बच्चन-गांधी परिवार की दोस्ती किसी भी सूरत में खत्म नहीं हुई।" उन्होंने ये भी कहा, "आप फ्रेंडशिप की बात कैसे कर सकते हैं? हम अभी भी दोस्त हैं।" 

- अमिताभ के मुताबिक, "मेरा राजनीति में सफर कम ही रहा। लेकिन इस बात का अफसोस भी है कि मैं इलाहाबाद की जनता से किए वादे पूरे नहीं कर पाया।" 

- "जितनी मेरी क्षमता थी, मैंने वादों को पूरा करने की कोशिश की। लेकिन मैं जानता हूं कि इलाहाबाद के लोग मुझे कभी माफ नहीं करेंगे।"

- ये पूछे जाने पर कि राजनीति में उनका आना एक इमोशनल फैसला था, अमिताभ ने कहा, "मुझे लगता है कि वह एक इमोशनल फैसला था। मैं वहां जाकर दोस्त की मदद करना चाहता था। लेकिन बाद में अहसास हुआ कि वहां इमोशंस की कोई जगह नहीं है। मुझे लगा कि मैं राजनीति में काम करने के लायक नहीं हूं, इसलिए छोड़ दिया।"

- अमिताभ ने अपने दोस्त और पूर्व पीएम राजीव गांधी के कहने पर 1984 में इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसमें उन्होंने हेमवतीनंदन बहुगुणा को बड़े अंतर से हराया था। लेकिन 3 साल बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

- यह पूछे जाने पर कि राजनीति छोड़ने का असर दोनों परिवारों की दोस्ती पड़ा, अमिताभ ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि राजनीति से वापस जाने का असर दोस्ती पर पड़ा। दोस्ती खत्म नहीं हुई। आप उस मुद्दे पर कैसे बात कर सकते हैं? हम अभी भी दोस्त हैं।"

- अमिताभ के मुताबिक, "हम लोग कलाकार हैं। लोग हमें प्यार करते हैं। हमें उसके बदले कुछ देना होता है। जब हम राजनीति में आते हैं तो वहां आपको जनता के प्यार के बदले कुछ देना होता है। तो इसका मतलब क्या है?"

- "जब आप कुछ पसंद नहीं करते तो आपको विपरीत प्रभावों का डर होता है। पॉलिटीशियंस बहुत ताकतवर लोग होते हैं। मुझे नहीं पता कि वो कैसे आपको नुकसान पहुंचा सकते है?"