अमिताभ बच्चन जितना बड़ा था श्रीदेवी का रुतबा

नई दिल्ली (28 फरवरी): श्रीदेवी को लेडी अमिताभ कहना इसलिए गलत नहीं होगा, क्योंकि अगर किसी हीरोइन का रुतबा अमिताभ बच्चन के रुतबे जितना बड़ा था तो वो था श्रीदेवी का। अपने दौर में जैसे अमिताभ बच्चन हर हीरो पर भारी थे वैसे ही श्रीदेवी भी हर हीरोइन पर भारी पड़ती थीं।

80 के दशक के बीच में जब बॉलीवुड पर बिग बी की सल्तनत चल रही थी और उनके सामने टिकने वाला कोई नहीं था। तब कोई था जो उन्हे चुनौती देने की तैयारी कर रह था। वो कोई हीरो नहीं बल्कि एक हीरोईन थी, जिसका नाम था श्रीदेवी।

जी हां, इस दौर में अमिताभ को कोई चुनौती दे रहा था तो वो थी सिर्फ श्रीदेवी। अमिताभ का अपना जलवा था, लेकिन श्रीदेवी के जलवे भी कम नहीं थे। वो अपनी शर्तों पर बॉलीवुड पर राज कर रही थीं। 1984 में इंकलाब में अमिताभ और श्रीदेवी पहली बार एक साथ नज़र आए। उस समय अमिताभ फिल्म इंडस्ट्री के बेताज बादशाह थे और श्रीदेवी हिंदी फिल्मों में अपनी जगह बना ही रही थीं, लेकिन इस फिल्म में छोटा रोल होने के बाद भी श्रीदेवी अमिताभ पर कहीं कम नहीं पड़ीं।

दो साल बाद एक बार फिर दोनो सुपरस्टार आखिरी रास्ता में सामने आए। अमिताभ और श्रीदेवी की जोड़ी ऐसी जमी की फिल्म सुपर-डुपर हिट साबित हुई। लोगों को लग रहा था कि अमिताभ और श्रीदेवी की जोड़ी आगे और काम करेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। क्योंकि श्रीदेवी तब तक स्टार बन चुकी थीं और उन्हे ये कतई मंजूर नहीं था कि वो कमजोर किरदार निभाएं। उस दौर में अमिताभ की फिल्मों में हीरोईन का किरदार अक्सर कम होता था और श्रीदेवी को छोटा रोल पसंद नहीं था।

उस दौर में जब हर कोई अमिताभ के साथ काम करना चाहता था श्रीदेवी ने कई बार अमिताभ की फिल्मों के ऑफर को ठुकरा दिया। कहा तो ये भी जाता है कि एक शशि कपूर ने उन्हे फिल्म अजूबा के लिए अमिताभ की हीरोईन का रोल ऑफर किया, लेकिन श्रीदेवी ने साफ मना कर दिया। दरअसल तब तक श्रीदेवी खुद अकेले ही फिल्म हिट कराने वाली गारंटी बन चुकी थीं, उन्हे किसी के सहारे की ज़रूरत नहीं थी।

नब्बे के दशक की शुरुआत में श्रीदेवी की फिल्में हिट हो रही थीं और अमिताभ की फिल्में कुछ खास नहीं कर पा रही थीं। ऐसे में अजूबा, इंद्रजीत, अकेला जैसी फिल्मों की नाकामी के बाद कहा जाता है कि अमिताभ खुद श्रीदेवी के साथ काम करना चाहते थे। उस दौर की गॉसिप मैगजीन्स में तो ये तक छपा था कि अमिताभ बच्चन ने गुलाबों से भरा ट्रक श्रीदेवी के घर तक पहुंचाया है, सिर्फ इसलिए कि फिल्म खुदा गवाह में श्रीदेवी काम करने के लिए मान जाएं। सच जो भी हो श्रीदेवी ने खुदा गवाह में काम करना कबूल कर लिया।

अमिताभ की किसी फिल्म में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी हीरोइन ने डबल रोल किए हों, जिसने भी खुदा गवाह देखी है उसे पता है कि श्रीदेवी का रोल बिल्कुल बराबरी का था। कहते हैं की श्रीदेवी ने साल 2000 में मोहब्बतें और 2003 में बागवान के लिए भी अमिताभ के अपोजिट रोल ठुकरा दिया था, लेकिन ऐसा नहीं है कि वो अमिताभ का सम्मान नहीं करती थीं। अमिताभ के साथ वो परदे के अलावा भी कई बार नज़र आईं और दोनों की कैमेस्ट्री लाजवाब थी। एक बार तो उन्होने लंदन में स्टेज पर अमिताभ के साथ हम के सुपर हिट गाने पर डांस भी किया।

बॉलीवुड में अपनी शर्तों पर काम करने वाली श्रीदेवी ने एक बार तो कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन के सामने ऐसी शर्त रखी की अमिताभ को माइकल जैक्सन की तरह नाचना पड़ा। दोनों आखिरी बार इंग्लिश-विंग्लिश में नज़र आए। अमिताभ ने छोटा सा कैमियों किया था और श्रीदेवी फिल्म की हीरोईन थीं। श्रीदेवी ने इस फिल्म में भी दिखा दिया कि 1986 की तरह वो अकेले अपने दम पर 2012 में भी फिल्म हिट करवा सकती हैं।