सिंहस्थ कुंभ में अमित शाह की 'डुबकी' के बाद अब इंदौर में होगा वैचारिक कुंभ

अमित कुमार, आनंद निगम, नई दिल्ली (11 मई): उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में आज आस्था के साथ राजनीतिक डुबकी भी लगी। संत समागम स्नान के लिए उज्जैन पहुंचे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दलितों के साथ क्षिप्रा नदी में स्नान किया और फिर भोज किया। दरअसल, साधु-संतों के विरोध के बाद इसका नाम संत समागम स्नान किया गया था। 

बीजेपी ने सिंहस्थ के दौरान वैचारिक कुंभ के जरिए समाज में समानता लाने के लिए एक पहल शुरु की। पहले बीजेपी ने इस कार्यक्रम का नाम दिया था- शबरी स्नान। लेकिन,संत समाज के विरोध के बाद शबरी स्नान बन गया समरसता स्नान और बाद में समरसता भोज भी दिया गया । 

इस स्पेशल स्नान के लिए मेला प्रशासन की ओर से खास इंतजाम किए गए। वाल्मीकि घाट की साफ-सफाई की गई। घाट पर पानी को साफ करने के लिए खास इंतजाम किए गए। ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों की मदद से पानी को साफ किया गया। कपड़े बदलने के लिए अस्थाई चेंजिंग रूम तक बना दिए गए। घाट को खुशबूदार बनाने के लिए भी खास इंतजाम किए गए।

इस कवायद के जरिए बीजेपी की कोशिश है, अपनी छतरी के नीचे उन लोगों को लाना। जो अब तक उससे छिटके हुए हैं। अब इंदौर के निनोरा में होनेवाले वैचारिक कुंभ की तैयारियां पूरी हो चुकी है। 12 से 14 मई तक कार्यक्रम चलेगा। कार्यक्रम का उद्घाटन संघ प्रमुख मोहन भागवत करेंगे। इसके अलावा कार्यक्रम का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

इस वैचारिक कुंभ में कई देशों से मेहमान पहुंचेंगे। वैचारिक कुंभ में पहुंचने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए वीआईपी कुटिया बनाई गई है। मतलब, क्षिप्रा के तट पर सियासी डुबकी के बाद अब वैचारिक कुंभ से अमृत निकालने की तैयारी है ।