शाह ने लगाया नेहरू पर देश की सभ्यता-संस्कृति को खत्म करने का आरोप

वीरेश पांडेय, लखनऊ (31 जुलाई): बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों पर करारा वार किया है। शाह ने नेहरू पर देश की सभ्यता-संस्कृति को खत्म करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

बीजेपी अध्यक्ष ने दूसरे दलों में आंतरिक लोकतंत्र खत्म होने का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक सियासत में परिवारवाद और जातिवाद इसी का नतीजा है। लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक तीर से कई निशाने साधे। उन्होंने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों की बखिया उधेड़ी। अमित शाह के मुताबिक नेहरू और कांग्रेस की नीति देश की सभ्यता-संस्कृति को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देने की थी।

बीजेपी अध्यक्ष ने ये बताने की कोशिश भी की कि आखिर जनसंघ की स्थापना की जरुरत क्यों पड़ी? इसके पीछे भी उन्होंने कांग्रेस और नेहरू की नीतियों का ही हवाला दिया। अमित शाह ने बीजेपी जैसी गिनी-चुनी पार्टी में ही आंतरिक लोकतंत्र बचने का जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र के खत्म होने की बात कही और इसके लिए बाकायदा मिसाल भी दी।

अमित शाह ने खुद के बीजेपी अध्यक्ष और नरेंद्र मोदी के पीएम बनने को पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का ही नतीजा करार दिया। उन्होंने खुद को पोस्टर चिपकाने से इस पद तक पहुंचने और मोदी के चाय बेचने से पीएम की कुर्सी तक पहुंचने का जिक्र किया। साथ ही कांग्रेस समेत दूसरी पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र खत्म होने का नतीजा भी सामने रखने की कोशिश की।

बीजेपी अभी से मिशन 2019 में जुट चुकी है। तीन दिन के दौरे पर शनिवार को लखनऊ पहुंचे अमित शाह अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों का खाका खींचने में जुटे हैं। विपक्षी खेमे में सेंध लगाकर सियासी खलबली मचाने के बाद माना जा रहा है कि अब उनकी नजर विरोधियों के कोर वोट बैंक पर टिकी है।