माया कोडनानी केस: जानें शाह से कोर्ट में क्या पूछा...

नई दिल्ली (18 सितंबर): गुजरात में 2002 के नरोडा हिंसा मामले में अमित शाह गवाह के रूप में अहमदाबाद की स्पेशल एसआईटी कोर्ट में पेश हुए हैं। अमित शाह मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक माया कोडनानी के बचाव में कहा कि जिस दिन नरोदा पाटिया में दंगा भड़का था उस दिन माया कोडनानी विधानसभा में थीं।

अमित शाह ने कहा, '28 फरवरी को मैं सुबह सवा 7 बजे अपने घर से विधानसभा के लिए निकला। सदन की कार्यवाही सुबह साढ़े 8 बजे शुरू होनी थी। विधानसभा में अध्यक्ष समेत सभी सदस्य मौजूद थे। कोडनानी भी विधानसभा में मौजूद थीं। सुबह 9:30 से लेकर 9:45 तक मैं सिविल अस्पताल में था और माया कोडनानी से वहां मिला था। विधानसभा में गोधरा ट्रेन कांड में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई थी।'

कोर्ट के अमित शाह से सवाल...

कोर्ट- आप अपने घर से विधानसभा के लिए कब निकले? शाह- मैं 28 फरवरी को सुबह 7: 15 पर विधानसभा के लिए निकला।

कोर्ट- विधानसभा पहुंचे तो कौन-कौन मौजूद था? शाह- विधानसभा में अध्यक्ष समेत सभी सदस्य मौजूद थे।

कोर्ट- क्या माया कोडनानी विधानसभा में मौजूद थीं? शाह- माया कोडनानी विधानसभा में मौजूद थीं।

कोर्ट- आप जब चले तो हॉस्पिटल तक पहुंचते हुए माया कोडनानी को कहां देखा? शाह- सुबह 9:30 से 9:45 तक मैं सिविल हॉस्पिटल था। मैं वहां माया कोडनानी से मिला था।

साल 2002 के नरोदा गाम दंगा मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष एसआईटी अदालत ने बीजेपी अध्यक्ष शाह को इस मामले में माया कोडनानी के गवाह के तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था। अदालत ने यह भी कहा कि यदि शाह आज पेश नहीं होते हैं तो वह इस मामले में फिर समन जारी नहीं करेगी।

गौरतलब है कि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान नरोदा पाटिया में 97 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। गोधरा में ट्रेन जलाने के ठीक अगले दिन यानी 27 फरवरी 2002 में नरोदा पाटिया में लोगों की हत्याएं की गई थीं। उस समय माया कोडनानी नरोदा पाटिया की विधायक हुआ करती थीं। माया कोडनानी ने नरोदा पाटिया दंगा मामले में खुद को दोषी करार दिये जाने और 28 साल कैद की सजा सुनाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अपराध में शामिल नहीं होने और उस वक्त कहीं और मौजूद होने की बात साबित करने के लिए अतिरिक्त गवाहों के तौर पर अमित शाह एवं 7 अन्य लोगों को तलब करने की मांग की थी।