अमित शाह ने आंध्र प्रदेश की जनता का किया अपमान: चंद्रबाबू नायडू

नई दिल्ली ( 24 मार्च ): बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के अलग होने के बाद खुला पत्र लिखा है। टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को लिखे पत्र में शाह ने फैसले पर सवाल उठाए हैं। शाह ने कहा कि एनडीए सरकार से अलग होने का उनका (चंद्रबाबू) फैसला एकतरफा और राजनीतिक भावना से प्रेरित था। 

इसके जवाब में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि पता नहीं बीजेपी अध्यक्ष झूठ क्यों फैला रहे हैं। चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा प्रमुख अमित शाह के पत्र को राज्य की जनता का अपमान बताया है। 

आंध्र प्रदेश विधानसभा में सीएम नायडू ने शनिवार को कहा, 'अपने पत्र में अमित शाह ने कहा कि केंद्र ने राज्य को कई फंड दिए, लेकिन हम उनका इस्तेमाल नहीं कर सके। वे कहना चाह रहे हैं कि आंध्रप्रदेश सरकार सक्षम नहीं है। हमारी सरकार में राज्य की जीडीपी अच्छी है, कृषि और अन्य क्षेत्रों में हमें कई राष्ट्रीय अवॉर्ड मिले हैं। ये हमारी क्षमता है। आप झूठ क्यों फैला रहे हैं।'

शाह पर पलटवार करते हुए नायडू ने कहा, “अमित शाह की चिट्ठी झूठ का पुलिंदा है और इससे बीजेपी की नीयत साफ पता चलती है। केंद्र सरकार उत्तर पूर्वी राज्यों को अब तक विशेष दर्जा देती है, यह अगर आंध्रप्रदेश के साथ किया गया होता तो राज्य में कई इंडस्ट्रीज आ चुकी होतीं।

बीजेपी को आंध्रप्रदेश के बंटवारे का जिम्मेदार ठहराते हुए नायडू ने कहा कि पार्टी ने पर्दे के पीछे से बंटवारे का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "प्रदेश का बंटवारा अवैज्ञानिक तरीके से हुआ जिसके चलते हम 10 साल पीछे चले गए। इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। आप दावा करते हैं कि आप हमारे समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं, लेकिन हकीकत यह है कि बंद दरवाजों के पीछे 20 मिनट के अंदर बंटवारे के बिल को पास करने में आपकी बराबर की भूमिका रही है।"