पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा प्री-बजट मीटिंग को बीच में ही छोड़कर निकले

नई दिल्ली ( 4 जनवरी ): पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा बुधवार को बुलाई गई प्री-बजट मीटिंग को बीच में ही छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद से देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। इस वजह से बजट का कोई मतलब नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा,'मैं भारी मन से कह रहा हूं कि अपनी प्रेजेंटेशन देने के बाद मैं प्री-बजट मीटिंग से बाहर आ गया। देश के विकास की कुर्बानी दी जा रही है।'

मीडिया से बात करते हुए मित्रा ने कहा, 'नोटबंदी की वजह से मजदूरों का बुरा हाल है। गुजरात से मजदूर काम नहीं होने की वजह से मजबूरी में घर वापस आ रहे हैं। लेदर इंडस्ट्री का बुरा हाल है लेकिन केंद्र सरकार को इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।'

अमित मित्रा ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया जबकि उनकी पार्टी तणमूल कांग्रेस रोज वैली चिटफंड घोटाले के आरोप में अरेस्ट किए गए अपने नेता सुदीप बंदोपाध्याय और तापस पाल की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यह घोटाला शारदा घोटाला से भी बड़ा हो सकता है।