बांग्लादेश: 'राजकीय धर्म' की समीक्षा के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली (26 मार्च): मुस्लिम बहुल देश बांग्लादेश के राजकीय धर्म की समीक्षा और सुधार के मामले में दायर याचिका पर अदालत में सुनवाई होनी है। जिसके खिलाफ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने विरोध प्रदर्शन किया। 

रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट एक याचिका पर सुनवाई पर राजी हो गया था। हाईकोर्ट में 27 मार्च को इस मसले पर सुनवाई होनी है। यह याचिका धर्मनिरपेक्षवादियों की तरफ से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि दशकों से इस्लाम का राजकीय धर्म होना बांग्लादेश के धर्मनिरपेक्ष चार्टर के खिलाफ है। यह गैर मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है।

गौरतलब है, करीब तीन दशक पहले हुए संवैधानिक बदलाव से बांग्लादेश असामान्य स्थिति में है। बांग्लादेश आधिकारिक रूप से भले ही एक धर्मनिरपेक्ष देश है। लेकिन वहां इस्लाम अब भी इसका राजकीय धर्म है। देश में 90 फीसदी से अधिक लोग मुस्लिम हैं। जबकि हिंदू और बौद्ध मुख्य अल्पसंख्यक वर्ग हैं। याचिका पर शुरू विवाद के बाद सुनवाई के खिलाफ ढाका में जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर करीब 7,000 कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए।