सऊदी अरब को पटखनी देने के लिए कतर ने यूएस से मिलाया हाथ

नई दिल्ली ( 15 जून ): एक तरफ तो खाड़ी देशों के कुछ देशों ने कतर के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को तोड़ लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने कतर के साथ फाइटर जेट की डील साइन की है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कतर को 12 बिलियन डॉलर की लागत से एफ-15 फाइटर जेट्स बेचने का फैसला लिया है। 

कतर के रक्षा मंत्री खालिद अल अतिया ने अपने अमेरिकी समकक्ष जिम मेटिस से ये समझौता किया। उल्लेखनीय है कि पिछले साल ये समझौता सउदी अरब और संयुक्त राष्ट्र अमीरात के कतर से संबंध तोड़ने के चलते नहीं हो पाया था। कतर-खाड़ी विवाद पर अमेरिका का रवैया अभी तक उलझा हुआ और अस्पष्ट रहा है।

 

इससे पहले अमेरिका ने कतर पर बैन लगाने वाले सऊदी अरब के साथ भी एक बड़ा हथियार सौदा किया था। रक्षा विभाग ने इस समझौते को लेकर अपने बयान में कहा है कि इस समझौते से कतर अपने देश की सुरक्षा करने में सक्षम होगा।

बता दें कि पिछले साल ही अमेरिका ने इस समझौते पर स्वीकृती दे थी। लेकिन इससे पहले कतर पड़ोसी देश सउदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर से राजनयिक, व्यापार, यातायात संबंध तोड़ दिए। दोनों देशों का उद्देश्य देश को तोड़ना और अपने आतंकवादी समूह और ईरान को समर्थन करना था।

एक ओर जहां अमेरिकी अधिकारी कतर-सऊदी विवाद पर काफी संभलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, तो वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कतर पर आतंकवाद को मदद देने के आरोपों को दोहरा चुके हैं। अमेरिका की ओर से दी जा रही इन मिश्रित प्रतिक्रियाओं की कड़ी में अब वॉशिंगटन और दोहा के बीच लड़ाकू विमानों की खरीद पर करीब 8 खरब रुपये के एक सौदे पर समझौता हुआ है।

कतर के रक्षा मंत्री खालिद अल अतियाह और अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस के बीच बुधवार को वॉशिंगटन में यह करार हुआ।