चीन से होगा युद्ध! रक्षा मंत्रालय ने मांगे 20,000 करोड़


नई दिल्ली (9 अगस्त): भारत और चीन में डोकलाम मुद्दे को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही है। समय-समय पर चीनी अखबारों में युद्ध की धमकी वाले लेख भी सामने आ रहे हैं, ऐसे में भारतीय रक्षा मंत्रालय ने सरकार से 20,000 करोड़ रुपये की मांग की है।

2017 में केंद्र सरकार की तरफ से 2,74,113 करोड़ रुपए का रक्षा बजट पेश किया गया था, जो GDP का 1.62 प्रतिशत था। वहीं ये बजट पिछले साल से मात्र 6 प्रतिशत ज्यादा था। रक्षामंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बजट का आधा हिस्सा उन्हें मिल चुका है, जिसमें से एक तिहाई खर्च भी हो चुका है। कुछ हफ्ते पहले ही रक्षा मंत्रालय ने सेना के उप-प्रमुख को युद्ध से जुड़े हथियारों को खरीदने को कहा था। वहीं सेना के सामान खरीद-फरोक्त में भी लालफीताशाही में कमी लाई गई है।

आपको बता दें कि इससे पहले संसद में रखी गई CAG की रिपोर्ट में बताया गया कि कोई युद्ध छिड़ने की स्थिति में सेना के पास महज 10 दिन के लिए ही पर्याप्त गोला-बारूद है। कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि कुल 152 तरह के गोला-बारूद में से महज 20% यानी 31 का ही स्टॉक संतोषजनक पाया गया, जबकि 61 प्रकार के गोला बारूद का स्टॉक चिंताजनक रूप से कम पाया गया।

भारतीय सेना के पास कम से कम इतना गोला-बारूद होना चाहिए, जिससे वह 20 दिनों के किसी सघन टकराव की स्थिति से निपट सके। हालांकि इससे पहले सेना को 40 दिनों का सघन युद्ध लड़ने लायक गोलाबारूद अपने वॉर वेस्टेज रिजर्व (WWR) में रखना होता था, जिसे 1999 में घटा कर 20 दिन कर दिया गया था। ऐसे में कैग की यह रिपोर्ट गोलाबारूद की भारी किल्लत उजागर करती है।