ISIS की मदद के आरोप में Twitter पर लटकी तलवार, FBI की निगाह भी टेढ़ी

नई दिल्ली (15 जनवरी): फ्लोरिडा में रहने वाली तमारा फील्ड्स नाम की एक अमेरिकन महिला ने ट्विटर पर मुकदमा कर दिया है। तमारा के पति लॉयड आईएसआईएस के एक हमले में मारे गये थे। कैलिफोर्निया की ऑकलैण्ड स्थित फेदरल कोर्ट में दाखिल याचिका में ट्विटरसक् खिलाफ एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।

'द गार्जियन डॉट कॉम' की रिपोर्ट के अनुसार, तमारा ने कहा कि अगर सोशल साइट ट्विटर ने आतंकवादियों को अपना इस्तेमाल करने से रोका होता तो आज आईएसआईएस इतना ताकतवर नहीं होता। उन्होंने यह भी लिखा है कि आईएसआईएस भर्तियां करने, लोगों को उकसाने और पैसा इकट्ठा करने के लिए ट्विटर को माध्यम बना रहे हैं। ट्विटर यह सब कुछ जानने के बावजूद आतंकियों के एकाउंट्स पर कोई प्रभावी रोक लगाने या नियंत्रण करने में असफल है।

तमारा कोर्ट को बताया है कि जिस समय उनके पति की हत्या की गयी उस वक्त तक आईएसआईएस के 70 हजार से ज्यादा एकाउंट्स ट्विटर पर थे, और हर एक मिनट में 90 ट्विट्स आईएसआईएस की तरफ से किये जा रहे थे। तमारा फील्ड्स की मुहिम को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन और एफबीआई का समर्थन मिला है।

लेकिन फेडरल कोर्ट की जूरी अभी एकमत नहीं हो पायी है कि ट्विटर के खिलाफ एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत कार्रावाई किस तरहकी जाये। दूसरी तरफ ट्विटर के डिपार्टिग चीफ डिक कोसोलो ने कहा है कि ट्विटर के नये चीफ के सामने कठिन चुनौतियां आने वाली हैं। उन्होने कहा कि आईएसआईएस जैसे आतंकियों के एकाउंट्स को मॉनीटर करने के लिए कई सारी भाषाओं के जानकार रखने पड़ेंगे। कुछ भाषाएं तो ऐसी हैं जिनको समझ पाना सीआईए के लिए भी कठिन है। हालांकि उन्होंने अमरीकी सुरक्षा और  खुफिया एजेंसियों को इंवेस्टिगेशन में हर तरह की मदद दिलाने का अपना वादा दोहराया है।