कभी भी शुरू हो सकती हैं जंग, अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी पहुंची दक्षिण कोरिया

नई दिल्ली ( 25 अप्रैल ): कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते तनाव के बीच मिसाइलों से लैस अमेरिकी पनडुब्बी यूएसएस मिशिगन दक्षिण कोरिया के बुशान तट पर पहुंच चुकी है। अमेरिका और चीन के दबाव के बाद भी उत्तर कोरिया ने अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को जारी रखा है। अमेरिकी पोत ‘यूएसएस मिशिगन’ का दक्षिण कोरिया दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर कोरिया के खतरे से निपटने के लिये दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के वरिष्ठ परमाणु राजनयिकों की मुलाकात हो रही है।


दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि उत्तर कोरिया जल्द ही अपना छठा परमाणु परीक्षण कर सकता है। आशंका है कि उत्तर कोरिया की पीपुल्स आर्मी की आज 85 वीं वर्षगांठ के मौके पर इस तरह का परीक्षण, या अन्य लंबी दूरी की मिसाइल प्रक्षेपण हो सकता है। आम तौर पर सैन्य स्थापना दिवस के मौके पर हर साल उत्तर कोरिया किसी न किसी हथियार का परीक्षण कर दुनिया को चौंकाता रहा है।


यूएसएस मिशिगन एक परमाणुचालित पनडुब्बी है। इस पर 154 टॉमहॉक मिसाइलें और 60 स्पेशन ऑपरेशन यूनिट के जवान तैनात रहते हैं। दक्षिण कोरिया के अखबार चोसुन इल्बो के मुताबिक बड़ी पनडुब्बी अपने साथ अटैच एक मिनी सबमरीन के साथ दक्षिण कोरिया पहुंची है।


कहा जा रहा है कि पनडुब्बी अमेरिकी विमानवाही पोत के साथ मिलकर सैन्य अभ्यास करेगी। इस अभ्यास के जरिये अमेरिका उत्तर कोरिया को अपनी ताकत और क्षमता दिखाएगा। अमेरिकी नौसेना ने साफ किया है कि उसका विमानवाही पोत निर्धारित इलाके की तरफ बढ़ चुका है।


अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वह अमेरिकी अर्माडा को कोरिया भेज रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी पनडुब्बियां किसी भी "एयरक्राफ्ट कैरियर से ज्यादा ताकतवर” हैं।


इलाके में बढ़ते तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका और उत्तर कोरिया से संयम बरतने की अपील की है। लेकिन इस अपील के साथ ही चीनी राष्ट्रपति ने अपनी सेना से तैयार रहने को भी कहा है।