पाकिस्तान और चीन को अमेरिका का बड़ा झटका, भारत के इस कदम को बताया सही

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 अप्रैल): अंतरिक्ष में भारत लगातार अपना डंका बजा रहा है। पिछले दिनों भारत ने अंतरिक्ष में A-SAT का सफल परीक्षण कर दुनियाभर के तमाम देशों को चौंका दिया था। भारत ने 27 मार्च को जमीन से अंतरिक्ष में मार करने वाली मिसाइल से अपने एक उपग्रह को मार गिराने के साथ ही ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली थी। इस परीक्षण के साथ ही अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ए सैट क्षमताओं वाला चौथा देश बन गया। भारत की कामयाबी के बाद पाकिस्तान, चीन समेत कई देशों ने अंतरिक्ष में भारत की लगातार बढ़की शक्ति पर  चिंता जताई थी।

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लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भारत के मिशन शक्ति का समर्थन किया है। मिशन शक्ति के जरिए उपग्रह रोधी मिसाइल परीक्षण क्षमताएं हासिल करने के लिए भारत का बचाव करते हुए कहा कि भारत अंतरिक्ष में पेश आ रहे खतरों से चिंतित है। अब पेंटागन ने कहा कि भारत को अंतरिक्ष में बढ़ते तनाव की चिंता है, इसलिए उसने अपनी सुरक्षा में इस तरह का A-SAT मिसाइल टेस्ट किया है, जो बिल्कुल जायज है। अमेरिका स्ट्रेटेजिक कमांड के कमांडर जनरल जॉन ई. हैटन ने कहा कि हमें सबसे पहले ये समझना होगा कि हिंदुस्तान को ऐसा क्यों करना पड़ा, इस पर कमेटी जांच कर रही है लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि उन्हें ये भी अंतरिक्ष में दूसरी शक्तियों से खतरा है। इसलिए वह रक्षात्मक तरीका अपना रहे हैं।

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आपको बता दें कि मिशन शक्ति के सफल परीक्षण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को देश को संबोधित कर इसकी जानकारी दी थी, तब पाकिस्तान-चीन समेत कई देशों ने इस पर चिंता जाताई थी। वहीं अमेरिका ने ए सैट मिसाइल परीक्षण से पैदा हुए मलबे को लेकर संभावना जताई कि वह वायुमंडल में ही जलकर नष्ट हो जाएगा। जबकि इससे पहले नासा ने कहा था कि भारतीय सैटेलाइट के नष्ट होने से 400 टुकड़े हुए जो अब भी अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। इससे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को भी खतरा पहुंच सकता है। अमेरिका ने यह भी बयान दिया था कि उसे भारत के इस टेस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वह दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष में आपसी सहयोग जारी रखेंगे।