अमेरिकी हवाईअड्डों पर भारतीयों को मिलेगी खास सेवा


नई दिल्ली(5 जुलाई): भारत अब दुनिया के उन 11 चुनिंदा देशों में शुमार हो गया है जिनके नागरिकों को अमेरिकी हवाईअड्डों पर लंबी-लंबी इमिग्रेशन पंक्तियों में खड़े रहने की जहमत नहीं उठानी पड़ती है।


- अमेरिका ने 'ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम' नाम की अपनी खास सेवा में अब भारतीय नागरिकों को भी शामिल कर लिया है। इस प्रोग्राम में पहले से अपना नामांकन करवा चुके भारतीय यात्रियों को US के कुछ चुनिंदा हवाईअड्डों पर जांच की लंबी लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना इस प्रोग्राम में अपना नामांकन करवाने वाले पहले भारतीय हैं।


- भारत के अलावा यह सुविधा 10 और देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है। यह कार्यक्रम अमेरिकी सीमा शुल्क एवं बॉर्डर सुरक्षा (CBP) विभाग की ओर से शुरू किया गया है। इसके तहत इस प्रोग्राम में नामांकन करवा चुके सदस्य चुनिंदा हवाईअड्डों पर उतरने के बाद स्वजचालित व्यवस्था की मदद से जल्द बाहर निकल सकेंगे। उन्हें बाकी यात्रियों की तरह इमिग्रेशन की लंबी पंक्ति में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


- जिन चुनिंदा हवाईअड्डों पर यह सेवा उपलब्ध होगी, वहां नामांकित सदस्य ग्लोबल एंट्री बूथ की ओर बढ़ेंगे। वहां उन्हें मशीन द्वारा पढ़ा जा सकने वाला पासपोर्टव या फिर US का स्थायी आवास कार्ड सामने रखकर फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपने हाथ की अंगुलियों के निशान की जांच करवानी होगी। साथ ही, उन्हें कस्टम्स विभाग को अपने सामान का ब्योरा भी देना होगा। इसके बाद वह बूथ यात्री को एक रसीद देगा और उसे उसके सामान की ओर भेजकर बाहर निकल जाने की अनुमति देगा।


- ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के लिए यात्रियों को पहले से नामांकन करवाकर मंजूरी लेनी होगी। सभी आवेदकों की पूरी जांच की जाएगी। उनसे जुड़ी जानकारियां खंगालने के बाद CBP उनका इंटरव्यू लेगा और संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें इस सेवा का लाभ उठाने के लिए नामांकित किया जाएगा। CBP के कार्यकारी कमिश्नर केविन मैकअलिनन ने इस खास प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'अपने विश्वसनीय और भरोसेमंद भारतीय नागरिकों को इस ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम में शामिल करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है।' यह सेवा फिलहाल अमेरिका के 53 हवाईअड्डों और 15 प्री-क्लियरेंस ठिकानों पर लागू की गई है।


- भारत के अलावा अमेरिका के नागरिक व ग्रीन कार्ड धारक, अर्जंटीना, कोलंबिया, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड्स, पनामा, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन के लोगों को यह सुविधा प्राप्त है। कनाडा के ऐसे निवासी जिन्होंने नेक्सस (NEXUS) में अपना नामांकन करवाया हुआ है, वे भी इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।