अमेरिका ने नहीं दिया पाक सीनेट के उपाध्यक्ष को वीजा- आतंकियों से संबंध का शक

नई दिल्ली (13 फरवरी): पाकिस्तान ने संयुक्त संघ प्रायोजित अंतर्राष्ट्रीय संसदीय संघ के बहिष्कार और अमेरिकी राजनयिकों का पाकिस्तान में स्वागत न किये की घोषणा की है। रब्बानी ने यह घोषणा तब की, जब अमेरिका ने पाकिस्तानी सीनेट के उपाध्यक्ष को वीजा जारी करने से इंकार कर दिया। रब्बानी संयुक्त राष्ट्रसंघ के संसदीय सम्मेलन में पाकिस्तान काप्रतिनिधित्व करने वाले थे।

पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक, सीनेट के अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया कि संसद का कोई भी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का दौरा नहीं करेगा, जब तक कि उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी को वीजा जारी करने में हुए विलंब पर अमेरिकी सरकार या पाकिस्तान स्थित दूतावास स्पष्टीकरण नहीं देता। मौलाना हैदरी जमीयत उलेमा-ई-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के सदस्य हैं। उन्हें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सलाहुद्दीन तिरमिजी के साथ रविवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 13-14 फरवरी को आईपीयू में भाग लेने जाना था।

पाकिस्तानी सीनेट सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रब्बानी ने यह भी निर्देश दिया कि इस मुद्दे का समाधान होने तक किसी भी प्रतिनिधिमंडल, कांग्रेस सदस्य या अमेरिकी राजनयिक का पाकिस्तानी सेनेट, सेनेट की स्थायी समितियों द्वारा स्वागत नहीं किया जाएगा। सेनेट सचिवालय के सूत्र ने 'डॉन' से कहा कि चूंकि यह एक आधिकारिक यात्रा थी, इसलिए मौलाना हैदरी अमेरिकी दूतावास से सीधे संपर्क में नहीं थे और सभी तरह के पत्राचार उनकी तरफ से सचिवालय द्वारा किया गया। दरअसल, रब्बानी की पार्टी कुछ समय पहले आतंकवादी संगठन तहरीके तालिबान-पाकिस्तान की सहयोगी थी, लेकिन कालांतर में उसने अपने सभी संबंध तहरीके तालिबान से खत्म कर लिये थे। माना जा रहा है अमेरिका ने रब्बानी को वीजा इसीलिए जारी नहीं किया।