'अमेरिकी हथियारों से बलूच और सिंधियों का क्रूर दमन कर रहा है पाकिस्तान'

नई दिल्ली (20 मई):  अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने साफ कहा है कि पाकिस्तान को अमेरिकी हथियार और पैसों से  बलूच, हज़ारा और सिंधी अल्पसंख्यक समुदाय का क्रूर दमन कर रहा है। ये हथियार और पैसे उसे हक्कानी नेटवर्क के खात्मे के लिए दिये जा रहे थे। इस लिए उसे अब 450 मिलियन डॉलर की सैन्य मदद न दिये जाने का प्रस्ताव इस हाउस में  पारित किया जाता है। हाउस में वोटिंग से पहले व्हाइट हाउस ने इस मदद को रोके जाने पर कड़ी आपत्ति की थी।

पाकिस्तान को उम्मीद थी कि ओबामा प्रशासन की आपत्ति के बाद हाउस में वोटिंग नहीं होगी और जुलाई के अंत तक उसे एफ-16 फाइटर जेट मिल जाएंगे। इस बारे में पाकिस्तानी मीडिया में पाकिस्तानी नेता और राजनयिकों के बयान पर आधारित खबरें भी प्रसारित हो रही थीं। हाउस में पारित बिल में कहा गया है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी सैन्य आर्थिक मदद से पहले पेंटागन को यह सत्यापित करना होगा कि पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क को खत्म करने के लिए क्या कार्रवाई की है। हाउस ने यह भी शर्त रखी है कि पाकिस्तान जब तक उत्तरी वजीराबाद में हक्कानी नेटवर्क को शरण नहीं देगा और अफगानिस्तान में शांति बहाली के प्रयासों में सार्थक और वास्तविक प्रयास करेगा।

इसमें एक सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह भी जोडी गयी है कि अमेरिका के रक्षा मंत्री इस बात की पुष्टि कांग्रेस के सामने करेंगे कि पाकिस्तान अमेरिकी फण्ड और हथियारों का उपयोग राजनीतिक और धार्मिक और राजनीतिक आजादी की मांग करने वाले अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ नहीं कर रहा है। इसके अलावा ओसामा बिन लादेन को मारने में अमेरिका की मदद करने वाले डॉक्टर शकील अफरदी को पाकिस्ता तुरंत रिहा करेगा। सीनेटर रोहराबेकर ने कहा कि अतिरिक्त शर्तें इसलिए जोडी गयी हैं क्यों कि पाकिस्तान में बलूच और सिंधी समुदायों पर सिर्फ इसलिए अत्याचार हो रहे हैं क्यों कि वो राजनीतिक और धार्मिक आजादी मांग रहे हैं।