जांच के दायरे में पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने

नई दिल्ली (22 सितंबर): उरी हमले के बाद पाकिस्तान लगातार परमाणु बम के इस्तेमाल की धमकी दे रहा है, वहीं अब उसके इस धमकी को दुनिया के ताकतवर देश गंभीरता से ले रहे हैं।

एटॉमिक वार के खतरे को देखते हुए पाकिस्तान पर वे ताकतवर देश परमाणु कार्यक्रम का विस्तार न करने और इसे सीमित करने का भारी दबाव डाल रहे हैं जो उसे आर्थिक मदद देते हैं।

- 71st यूएन जनरल असेंबली से अलग अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी से मीटिंग की नवाज ने। - इस मौके पर शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाया,लेकिन उलटा अमेरिका ने ही पाक को झाड़ लगा दी। - यूएस डिपार्टमेंट के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने इस मीटिंग की जानकारी दी। - कैरी ने नवाज से कहा कि अपनी जमीन को आतंकियों के लिए 'सेफ हैवन' न बनने दें। - टोनर ने बताया कैरी ने शरीफ से कहा कि वह आतंकी संगठनों से असरदार ढंग से निपटें। - पाकिस्तान को अपनी जमीन आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देना चाहिए।" - कैरी ने शरीफ से न्यूक्लियर वेपंस प्रोग्राम पर भी लगाम लगाने को कहा। - साथ ही कहा न्यूक्लियर वेपंस को लेकर बेयानबाजी बंद कर पाकिस्तान।

यूनाइडेट नेशंस में पाक का प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने कल न्यूयॉर्क में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कुछ ऐसी ही बातें कही। मलीहा लोधी ने कहा कि पाकिस्तान अपने एटमी प्रोग्राम को लिमिटेड नहीं करेगा।

कई बार इंटरनेशनल एजेंसिस दावा कर चुकी हैं आतंकियों के कब्जे में जा सकते हैं PAK के परमाणु बम... - मार्च 2016- अमेरिकी थिंक टैंक हार्वर्ड केनेडी स्कूल की रिपोर्ट में कहा गया पाकिस्तान में परमाणु चोरी का खतरा बहुत बढ़ गया है। - जनवरी 2016- कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) ने अपनी रिपोर्ट में कहा भारत को डराने के लिए पाक ने तैनात कर रखे हैं 130 परमाणु हथियार। - अप्रैल 2015 में न्यूयार्क टाइम्स में लिखा, दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द वह अपनी रक्षा के लिए परमाणु हमला करने से नहीं चूकेगा। - अगस्त 2015- अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस की रिपोर्ट में कहा गया 10 साल में तीसरा बड़ा न्यूक्लियर पावर होगा पाक।