ईरान के डिफेंस नेटवर्क पर साइबर अटैक, क्या ये तीसरे वर्ल्ड वॉर का सायरन है ?

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पंकज मिश्रा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जून): क्या तीसरे विश्वयुद्ध का सायरन बज चुका है ? ये सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान के रिश्तों का तनाव दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। और जैसे-जैसे ये तनाव बढ़ रहा है। वैसे-वैसे दुनिया तीसरे वर्ल्ड वॉर की तरफ बढ़ती जा रही है। पिछले एक हफ्ते से दोनों देशों के बीच जारी टेंशन उस वक्त और बढ़ गई कि जब ईरान के डिफेंस नेटवर्क पर साइबर अटैक की खबर आई। ऐसे में सवाल यही है कि क्या ये तीसरे वर्ल्ड वॉर का सायरन है ?

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अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव कब तीसरे विश्वयुद्ध में तब्दील हो जाए कोई नहीं जानता। कोई नहीं जानता कि कब एटम वॉर की आवाज से तबाही के तीसरे युद्ध का आगाज हो जाएगा। कोई नहीं जानता कि कब और कैसे एक हल्की सी चिंगारी पूरी दुनिया में विध्वंस मचा दे। शुक्रवार को जब अमेरिकी जंगी जहाज ईरान पर आसमान से तबाही मचाने से ठीक पहले अपने बेस पर वापस लौट गए तो सभी को यही लगा कि तीसरा वर्ल्ड वॉर थम चुका है, लेकिन दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के सबसे ताकतवर शख्स  ने ये बात साफ कर दिया है कि उसने सिर्फ एक कदम वापस खींचा है। यानी अभी भी अमेरिकी सेनाएं किसी भी वक्त ईरान पर हमला बोल सकती हैं। ट्रंप के तेवरों से साफ था कि अमेरिकी सेना के ड्रोन को मार गिराने की ईरान की गुस्ताखी को वो इतनी आसानी से माफ करने के मूड में नहीं है और कुछ देर बाद ये बात उस वक्त पक्की भी हो गई जब ईरान पर एक अटैक की खबर आई। ईरान पर ये हमला बम या बारुद उगलने वाले भीषण हथियारों से नहीं किया गया बल्कि इसके लिए अमेरिका ने साइबर अटैक का सहारा लिया। माना जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर साइबर अटैक कराया ।

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हालांकि अभी तक अमेरिका की तरफ इन हमलों की पुष्टि नहीं की गई है लेकिन माना जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइल कंट्रोल सिस्टम और एक जासूसी नेटवर्क पर साइबर हमला कराया और तेहरान से आती खबरों के मुताबिक इस साइबर हमले से ईरान के रॉकेट और मिसाइल हमले में इस्तेमाल होने वाले कम्प्यूटर्स को नुकसान भी हुआ है। कहा जा रहा है कि अमेरिका ये साइबर हमले कई हफ्तों तक जारी रख सकता है। इस अटैक का उद्देश्य ईरान की उस हथियार प्रणाली को निशाना बनाना है जिसका इस्तेमाल इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प करता है। इन हमलों के बाद इस प्रणाली पर ऑनलाइन काम करना बंद हो जाएगा और इसका संचालन ऑफलाइन ही किया जा सकेगा। 

तो क्या ये माना जाए कि...- अमेरिका सुनियोजित तरीके से ईरान पर हमला करने की योजना बना रहा है ?- क्या अमेरिका हमले से पहले ईरान की ताकत कम करना चाहता है ?- क्या इसीलिए अमेरिका ने ईरान के डिफेंस सिस्टम पर साइबर अटैक किया ?- तो क्या जल्द ही अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने वाला है ?- अगर हां तो क्या अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक युद्ध शुरु होने ही वाला है ?

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अगर ये सारी संभावनाएं सही साबित होती हैं तो ये तूफान से पहले की खामोशी है और इसके बाद वर्ल्ड वॉर का ऐसा बवंडर शुरु होने वाला है, जिसकी जद में दुनिया के तमाम देशों का आना तय समझिए। अगर एक बार दुनिया की ये दोनों ताकतें एक दूसरे के सामने आ गईं तो दुनिया के लिए अगले वर्ल्ड वॉर को रोकना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। क्योंकि रुस पहले ही ईरान के पक्ष में खड़ा हो चुका है। रुस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो इससे भारी तबाही मचेगी। स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी. अमेरिका ने कहा है कि वो सेना के इस्तेमाल से इंकार नहीं कर सकता। अगर ऐसा होता है तो ये इलाके में तबाही लाएगा। इससे न केवल हिंसा बढ़ेगी बल्कि शर्णार्थियों की संख्या में भी इजाफा होगा। मतलब साफ है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो सारी दुनिया दो खेमों में बंट जाएगी और उसके बाद विनाश के विश्वयुद्ध को रोकना किसी के लिए भी मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन होगा।