अब ईरान से कच्चा तेल नहीं खरीद पाएगा भारत, जानें- आपकी जेब पर क्या होगा असर ?

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (1 मई): कच्चे तेल के खेल में भारत फंसता जा रहा है। ईरान पर अमेरिकी पाबंदी के बाद भारत के लिए तेल संकट गहराता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान से कच्चा तेल खरीदने की भारत को जो छूट दी थी वो आज खत्म होने जा रहा है। इस तरह अमेरिका के कच्चे तेल के खेल में अब भारत भी फंसता जा रहा है। अमेरिका के इस कदम के बाद भारत को ईरान से क्रूड इंपोर्ट पर रोक लगना पड़ेगा। भारत अपनी तेल की जरूरत को पूरा करने के लिए नए देशों से तेल इंपोर्ट करार करना पड़ेगा। अन्य देशों से तेल खरीद का करार करने पर भारत को वहां से महंगा तेल खरीदना होगा। गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का करीब 12 फीसदी कच्चा तेल ईरान से आयात करता है। ऐसे में ईरान से आयात पर रोक के बाद भारत को नए देशों से तेल के आयात का करार करना होगा जो महंगा सौदा साबित हो सकता है। पहले से ही ईरान से तेल का आयात घटा चुके भारत की मुश्किलें अमेरिकी पाबंदी से मिली छूट के खत्म होने के साथ बढ़ने वाली है। अमेरिकी प्रतिबंध से पहले ईरान से भारत करीब 25 मिलियन टन ईरान से खरीदता था। प्रतिबंधों के बाद पिछले कुछ महीनों में 1.25 मिलियन टन खरीद प्रति माह रह गई है।

जानकारों का मानना है कि ईरान पर अमेरिकी पाबंदी के बाद दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में भारत में पेट्रोल और डीजल का भाव बढ़ सकता है। डीजल का भाव बढ़ने से माल भाड़े में बढ़ोतरी होने की आशंका बनी हुई है। आपको बता दें कि रियायतें खत्म होते ही भारत को कल से ईरान से तेल आयात पूरी तरह रोकना पड़ेगा। यानी भारत को नई शर्तों पर दूसरे देशों से तेल मंगाना होगा। ईरान की पाबंदी के बाद जो उथल-पुथल मच सकती है, उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ सकते हैं। इस तेल संकट का असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।

आपको बता दें कि अमेरिका सहयोगी देशों को ईरान से तेल न खरीदने पर मजबूर करके ईरान की अर्थव्यवस्था को धराशायी करना चाहता है। वहीं ईरान का कहना है कि वो किसी भी हालत में झुकने वाला नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका कितना भी दबाव बना ले हम झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर वो यह सोच रहे हैं कि हमारे ऑयल एक्सपोर्ट को खत्म कर देंगे तो गलत सोच रहे हैं। रूहानी ने कहा कि आने वाले समय में हमारा ऑयल एक्सपोर्ट निर्बाध गति से जारी रहेगा।