अमेरिका ने दिया भारत को बड़ा झटका

नई दिल्ली(5 मार्च): अमेरिका ने एच-1बी वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग को 6 महीनों के लिए सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले नैस्कॉम के कुछ सदस्यों और विदेश सचिव एस. जयशंकर के नेतृत्व में कई अधिकारियों ने अमेरिका में जाकर इस मामले पर भारत का पक्ष रखा था। इस पर अमेरिका ने कहा था कि एच-1बी वीजा का मुद्दा उसकी प्राथमिकता में नहीं है, हालांकि यह उसके इमिग्रेशन सुधार की व्यापक नीति का हिस्सा है। इस आश्वासन के बाद भी अमेरिका ने एच-1बी वीजा की प्रीमियम प्रॉसेसिंग को सस्पेंड कर दिया है।

- पिछले महीने ही पीएम मोदी ने अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मीटिंग में एच-1बी वीजा को लेकर सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की थी।

- मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई सकारात्मक बातचीत को याद करते हुए पिछले ढाई साल में गहरे हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता के बारे में बताया था। मोदी ने पेशेवर लोगों की आवाजाही को आसान बनाए रखने की अपील की थी।

- प्रीमियम प्रोसेसिंग के जरिए एच-1बी वीजा के अर्जियों की प्रक्रिया को तेजी से चलाया जाता है। यह निलंबन ऐसे समय में हुआ है, जबकि भारत के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में अमेरिका जाकर ट्रंप प्रशासन से मुलाकात कर इस मुद्दे पर तार्किक ढंग से सोचने की सलाह दी थी। आमतौर पर एच-1बी वीजा को मंजूरी मिलने में 3 से 6 महीने तक का समय लगता है। लेकिन, कंपनियों की ओर से 1,225 डॉलर की प्रीमियम चुकाने पर इसे 15 दिन के भीतर ही जारी कर दिया जाता है। अमेरिका ने इस व्यवस्था को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है।