भारत के खिलाफ F-16 विमानों के इस्तेमाल पर बुरा फंसा पाकिस्तान, अब अमेरिका कर रहा है ये काम

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 मार्च): भारत के खिलाफ F-16 लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल की खबरों की खबर अमेरिका सख्त हो गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि  F-16 के इस्तेमाल के आरोपों की जानकारी उन्हें भी मिली है। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले पर कमेंट करने या इसकी जांच पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अमेरिका फिलहाल इस बात की जांच कर रहा है कि पाकिस्तान के इनकार के बीच भारत के खिलाफ एफ 16 लड़ाकू विमान के इस्तेमाल की खबरों में कितनी सच्चाई है।

खबरों के मुताबिक अमेरिका पाकिस्तान द्वारा एफ-16 लड़ाकू विमान के गलत इस्तेमाल संबंधी रिपोर्टों पर और जानकारियां जुटा रहा है। पाकिस्तान द्वारा भारत के साथ सीमा संघर्ष में अमेरिका के साथ हुए 'एंड-यूजर' समझौते का उल्लंघन किये जाने संबंधी खबरों के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि, 'हम इन रिपोर्टों से अवगत हैं और जानकारियां जुटा रहे हैं।' रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉकनर ने कहा कि, 'विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंधों में अप्रकटीकरण समझौते के कारण हम उसमें दर्ज एंड यूजर समझौतों के बारे में चर्चा नहीं कर सकते।' अमेरिका अत्याधुनिक रक्षा साजो सामान बेचने वाला विश्व का सबसे बड़ा देश है और इसके पास मजबूत एंड यूजर निगरानी समझौता है, जो रक्षा साजो सामान के दुरुपयोग के किसी भी आरोप को बेहद गंभीरता से लेता है।

दरअसल, अमेरिका ने पाकिस्तान को F-16 लड़ाकू विमान आतंक विरोधी अभियान के लिए दिया था। 80 के दशक में अमेरिका ने F-16 विमानों को पाकिस्‍तान को दिया था। शर्तों के मुताबिक बिना अमेरिका की अनुमति के पाकिस्तान F-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई में नहीं कर सकता। इसका इस्तेमाल आत्मरक्षा में किया जा सकता है, लेकिन हमले के लिए नहीं। F-16 अमेरिका में बना लड़ाकू विमान है और इसमें लगने वाली एमरॉम मिसाइल भी अमेरिका में ही बनती है। अपने इस विमान के इस्तेमाल के लिए अमेरिका की शर्तें होती हैं। नियमानुसार पाकिस्तान को दूसरे देश के खिलाफ इसका इस्‍तेमाल करने से पहले अमेरिका की इजाजत लेनी होगी। नियमों का उल्‍लंघन होने पर अमेरिका पाकिस्‍तान के खिलाफ कार्यवाही भी कर सकता है। इसकी वजह से ही पाकिस्‍तान काफी सहमा हुआ है। 28 फरवरी को जो सुबूत भारत की तरफ से पेश किए गए हैं वह इस बात को पुख्‍ता कर रहे हैं कि यह विमान F-16 थे।