ओडिशा सरकार की कोताही बताती खटिया, लेबर पेन की सूचना पर भी नहीं आई एंबुलेंस

रायगडा (15 मार्च): ओडिशा के रायगडा से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो पूरे सिस्टम पर सवाल उठाती है। साथ ही सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या इस देश में मां बनना गुनाह है।

हमारी सरकारें बड़ी बड़ी बातें करती हैं, लेकिन एक गर्भवती मां को वक्त रहते अस्पताल पहुंचाने के लिए देश का आम आदमी कितना मजबूर हो जाता है। ये तस्वीर वो सच दिखाती है। महिलाओं की आजादी, महिलाओं को सुरक्षा और महिलाओं को सुविधाएं देने का ऐलान करते नेताओं की जुबां नहीं थकती। लेकिन वो वादे अभी कितने आसमानी हैं और ये कड़वी सच्चाई कितनी जमीनी तस्वीर आपके सामने हैं।

ओडिशा के रायगडा जिला के कल्याणसिंहपुर गाँव में  कौशल्या नाम की इस महिला को जब लेबर पेन हुआ तो घरवालों ने मोबाइल पर कॉल करके 108 एंबुलेंस बुलानी चाही, लेकिन एंबुलेंस नहीं आती, महिला को घर से तीन किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाने के लिए गरीब घरवालों के पास सिर्फ यही चारा बचा था।

यही सच है कि हमारा सिस्टम ऐसे ही खटिए पर पड़ा है। लाचार, बीमार टंगा हुआ इस महिला को खटिए पर लिटाकर, उस खटिए को यूं टांगकर ऊंचे-नीचे रास्तों और कच्ची-पक्की सड़क, कहीं कीचड़ से होते हुए घरवाले किसी तरह अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन उससे पहले बीच में ही महिला बच्चे को जन्म दे देती है। 

गनीमत है कि ये महिला और उसका बच्चा सुरक्षित हैं। वर्ना इन तस्वीरों को देखकर ही मन डर के साए में सिमट जाता है। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, इलाहाबाद, पटना, जैसे महानगरों में बैठकर, बड़ी सुविधाओं का आनंद उठाते हुए आपके लिए ये तस्वीरें बहुत हैरान करने वाली होंगी। लेकिन आज भी देश में ऐसे ही ना जाने कितनी महिलाओं को अस्पताल तक जाना पड़ रहा है। सरकार दावा करती हैं कि उन्होंने एंबुलेंस का इंतजाम किया है। लेकिन क्या इतनी एंबुलेंस सरकार ने दी हैं। ये तस्वीरें तस्दीक करती हैं कि सरकार के दावे बिल्कुल हवा हवाई हैं।