देखिए: बच्चों के पेट को गर्म सलाखों के दागते हैं ये लोग...!!!

इंद्रजीत सिंह, जमशेदपुर (17 जनवरी): एक गांव में आज भी एक ऐसी परंपरा जारी है, जिसे बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे। इन गांवों में हर साल मकर संक्रांति के दिन आदिवासियों में टुसू पर्व मनाया जाता है।

त्योहार के दिन खाने-पीने की बात तो समझ में आती है, लेकिन पर्व के मौके पर परंपरा के नाम पर बच्चों के साथ जो होता है, उसे जानकार अच्छे -अच्छों का दिल दहल सकता है। 

परंपरा के मुताबिक, हर साल मकर संक्रांति के दिन गांव के वैद्य के यहां लोग इकट्ठे होते हैं, जिनके परिवार में छोटे बच्चे होते हैं। फिर चूल्हे में कंडा जलाकर आग में लोहों की सलाखों को गर्म किया जाता है।  बच्चों के पेट में नाभि के चारों ओर तेल लगाया जाता है और इसके बाद तेल लगी जगह को गर्म सलाख से दागा जाता है।

इस परंपरा का नाम चिड़ी दाग है, जिसका पालन आदिवासी समाज बरसों से करता आ रहा है।  

देखिये न्यूज़24 की रिपोर्ट...

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